शिलोंग। मेघालय में विधानसभा चुनाव की तिधि अभी घोषित नहीं कि गई हैं हालांकि ज्यादातर उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। वर्तमान के विधायक, निर्दलीय उम्मीदवार और अन्य दलों के उम्मीदवारों ने अभी से ही मतदाताओं को लुभाने के लिए अपना अभियान शुरू कर दिया है। हालांकि मतदाताओं को लुभाने के लिए सार्वजनिक मीटिंग अब शुरू नहीं हुई है है लेकिन अधिकांश उम्मीदवार अब द्वार-द्वार अभियान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 

जबकि विधायक अपने संबंधित क्षेत्रों में छोटे परियोजनाओं का उद्घाटन करके मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं। जबकि अन्य दलों के उम्मीदवार भी मतदाताओं को अपना संदेश भेजने के लिए अपने संबंधित क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।

चुनाव के लिए तिधि की घोषणा के बाद यह अभियान तेज हो जाएगा और दिसंबर में छुट्टियां समाप्त ही जाने के बाद यह शीर्ष पर पहुंच जाएगी। 2018 के शुरू में आयोजित होने वाले विधानसभा चुनावों में एक तूफानी स्थिति होगी, क्योंकि विभिन्न राजनीतिक दलों ने राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना होगा ।

ऐसा कहा जाता है कि इस चुनाव में मुख्य लडाई कांग्रेस, भाजपा और एनपीपी के बीच होगी, क्योंकि सभी तीन अलग -अलग राजनीतिक दलों के पास मजबूत आधार हैं। दूसरी तरफ, यूडीपी और एचएसपीपी जैसी क्षेत्रीय पार्टियों की उपस्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता है। जबकि पीडीएफ़ और एलजेपी जैसे  अन्य पार्टियां भी चुनाव से पहले राज्य में अपनी उपस्थिति को महसूस करने की  कोशिश कर रही हैं। दशकों से काग्रेस के लिए मजबूत गढ़ वाला मेघालय निश्वित रूप रने अन्य दलों से कठोर चुनौती का सामना करना होगा ।