असम में इस दौरान शीतकालीन सत्र चल रहा है, जो कि छह दिसम्बर तक चलने वाला है। इस दौरान सत्र के पहले दिन ही हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा परिसर के बाहर संवाददाताओं से कहा कि कैग ने 3 वर्ष पहले एनआरसी कार्यालय एवं उसकी गतिविधियों का निरीक्षण किया था। हिमंता ने दावा किया है कि प्रथम दृष्टया कैग ने हमें भारी अनियमितता और विसंगतियों की सूचना दी है। यह असम कैग (Assam CAG) द्वारा हस्ताक्षर किया हुआ आधिकारिक नोट है। यह असम सरकार का कोई दस्तावेज नहीं है।

नहीं किया है राशि का खुलासा

मंत्री ने कहा कि यद्यपि लोगों के बीच भ्रम से बचने के लिए मुख्यमंत्री और उन्होंने उस समय निर्णय किया था कि एनआरसी प्रक्रिया पूरी होने तक रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। हालांकि सरमा ने एनआरसी को अद्यतन करने की इस वृहद कवायद में कथित अनियमितता की राशि का खुलासा नहीं किया। असम समझौते को लेकर एक सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन्होंने समझौता तैयार किया था वे इस पर बोलेंगे।



नहीं किए थे समझौते पर हस्ताक्षरः हिमंता

उन्होंने कहा कि मैंने समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किये थे, और क्या आपने हस्ताक्षर किये थे? समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले किसी से भी मशविरा नहीं किया गया था। प्रफुल्ल महंत ने हस्ताक्षर किये थे इसलिए वह समझौते को लेकर प्रतिबद्ध थे। हिमंत बिस्व सरमा ने उस पर हस्ताक्षर नहीं किये थे, इसलिए मैं उसे लेकर प्रतिबद्ध नहीं हूं। समझौते को स्वीकार करने का विधानसभा में कोई प्रस्ताव नहीं था।

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