देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ देशवासी कई आंदोलन कर रहे हैं। पूर्वोत्तर में CAA के खिलाफ ज्यादा विरोध किया जा रहा है। लेकिन इतना विरोध किए जाएने के बाद भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के बोलपुर में घोषणा की है कि देश में कोविड-19 की स्थिति को नियंत्रण में लाने के बाद नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लागू करने के नियमों को लागू किया जाएगा। हम इस मामले पर कोविड-19 के टीकाकरण शुरू होने के बाद चर्चा करेंगे।


शाह ने कहा कि जब तक कोरोना को नियंत्रण में नहीं लाया जाता, तब तक इतनी बड़ी प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती है। पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुनाव 2021 की चुनावी रैलियों में अमित शाह शामिल हैं। बता दें कि वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार का कार्यकाल 30 मई को समाप्त होने वाला है। CAA के कार्यान्वयन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर के कई संगठन, विशेषकर असम एक बार फिर विवादास्पद कानून के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं।


चतरा मुक्ति संग्राम समिति (CMSS) ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह 24 से 31 दिसंबर तक 'एंटी- CAA सप्ताह' का अवलोकन करेगी, जिसमें कई स्थानों पर धर्म परिवर्तन और सामूहिक सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, अन्य छात्रों के निकायों और संगठनों ने पूरे असम में एंटी- CAA प्रदर्शनों को फिर से लॉन्च किया है। इस बीच, 2021 में असम विधानसभा चुनावों में पदार्पण करने वाली नवगठित असम जनता परिषद (AJP) ने भी घोषणा की है कि वह मुख्य रूप से एंटी- CAA एजेंडे पर राज्य चुनावों में चुनाव लड़ेगी।