असम में इंटरनेट सेवा को फिर से चालू कर दिया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि कुछ लोग गलत सूचना और फर्जी खबरें फैला रहे हैं। ये लोग समाज के दुश्मन हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह से असम का सम्मान प्रभावित नहीं होगा। हम लोगों के समर्थन में हमेशा रहेंगे और राज्य में शांति के साथ आगे बढ़ेंगे।

पहले ही झेल चुके हैं एनआरसी की मार

असम के लोगों में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। असम के कई लोग एनआरसी की मार पहले ही झेल चुके हैं। इसके बाद अब नागरिकता संशोधन कानून पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पिछले दिनों असम के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन देखा गया था। जिसके चलते इंटरनेट बंद कर दिया गया था।


पर्यटन विभाग को हुआ है सबसे ज्यादा नुकसान

असम में प्रदर्शन व्यापक असर देखा जा रहा है। यहां सबसे ज्यादा घाटा पर्यटन उद्योग को हुआ है। असम पर्यटन विभाग के मुताबिक विरोध प्रदर्शन के कारण सरकार को 400 करोड़ का घाटा हुआ है। नागरिकता कानून को लेकर जब से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है तब से राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पर्यटकों ने यहां आना बंद कर दिया है। जिनके पहले से आने की योजना थी, उन्होंने अपने प्लान बदल दिए।