असम में एनआरसी की अंतिम लिस्ट प्रकाशित होने के बाद अब सरकार की लोकप्रियता की परीक्षा होने वाली है। दरअसल असम में चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इन सीटों पर 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे, जिसके लिए बीजेपी ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है, जब बीजेपी ने हाल ही में जारी हुए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के अंतिम प्रकाशन से 19 लाख लोगों के बाहर रहने को लेकर नाखुशी जाहिर की है। जिन चारों विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है, उनमें सोनारी, रंगपुरा, रताबरी और जनिया शामिल हैं। 

जनिया को छोड़ दें तों 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में तीनों सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। जनिया कांग्रेस के खाते में गई थी। इन सीटों पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि बीजेपी के सोनारी से विधायक तपन गोगोई, रंगपुरा से विधायक पल्लब लोचन दास और रताबरी से विधायक कृपानाथ मल्लाह पिछले लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए। वहीं, जनिया के विधायक अब्दुल कलाके ने बारपेटा से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद पद से इस्तीफा दिया है। गोगोई जहां असम सरकार में उर्जा मंत्री थे, वहीं दास श्रम मंत्री थे।

चुनाव की तारीखों के ऐलान के तुरंत बाद असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की। उन्होंने विश्वास जताया कि बीजेपी चारों सीटों पर जीत दर्ज करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, हम जनता को केंद्र में रखकर जो काम कर रहे हैं, उससे हमें चारों सीटों पर जीत का पूरा भरोसा है। हम लोगों के कल्याण के लिए काम करते रहे हैं और मतदाताओं को हमारे काम पर भरोसा है। उधर, कांग्रेस का मानना है कि मौजूदा सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है और पार्टी सरकार की विफलताओं को जनता के बीच में ले जाएगी। कांग्रेस ने कहा कि वह जल्द ही उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करेगी।