इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने 30 लाख बैरल कच्चे तेल के आयात के लिए एक रूसी तेल कंपनी के साथ एक अनुबंध किया है.  इसके लिए दोनों कंपनियों के बीच सीधी बातचीत हुई है, अभी ये सौदा अंतिम चरण में पहुंच चुका है. रूस के साथ ये सौदा अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत के लिए वर्तमान में उपलब्ध सर्वोत्तम नियमों और शर्तों के आधार पर ही हुआ है.

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पश्चिमी देशों ने यूक्रेन पर मॉस्को के हमले के जवाब में रूस पर अमेरिका के तेल आयात प्रतिबंध सहित प्रतिबंध लगाए हैं, हालांकि रूसी तेल कंपनियों से कच्चा तेल खरीदने के लिए भारतीय तेल कंपनियों पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है. जैसे ही जैसे ही अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए तो रूस ने भारत समेत अन्य बड़े आयातकों को रियायती दर पर तेल देने की पेशकश कर दी.

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फिलहाल और अधिक भारतीय तेल कंपनियां कच्चे तेल के आयात के लिए रूसी तेल कंपनियों के साथ सौदा कर सकती है. ये सौदा ऐसे ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं. रूस के आक्रमण के बाद से दुनियाभर बाजार में तेल की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. जिसका असर लोगों की जेब पर पड़ना भी तय माना जा रहा है.

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भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल के आयात करता है. यह सौदा इस सप्ताह की शुरुआत में भारत और रूसी संघ के बीच स्थापित उच्च स्तरीय संपर्क के बाद हुआ है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने सोमवार को राज्यसभा में कहा था, 'पिछले कुछ हफ्तों में सैन्य कार्रवाई जारी है..सरकार उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार करेगी.