अगर आप भी अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं यही मौका है। हम आपको यहां एक ऐसे बिजनेस के बारे में बता रहे हैं जिसमें आपको ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं। इस बिजनेस में आप घर बैठे बहुत कम पैसों में बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं। इस बिजनेस का दायरा बहुत बड़ा है। दुनियाभर में करीब 2 बिलियन टन से ज्यादा वेस्ट मटेरियल हर साल जेनरेट होता है। वहीं, भारत में भी लगभग 277 मिलियन टन से ज्यादा कबाड़ जेनरेट होता है।

ये कारोबार वेस्ट मैटेरियल (Recycling Business Ideas) का है। आप घर के कबाड़ से यह कारोबार शुरू कर सकते हैं। बता दें कि इस बिजनेस ने कइयों को लखपति बना दिया है। तो आइए जानते हैं कि कब कहां और कैसे इस बिजनेस को शुरू करें—

इस बिजनेस का दायरा बहुत बड़ा है। दुनियाभर में करीब 2 बिलियन टन से ज्यादा वेस्ट मटेरियल हर साल जेनरेट होता है। वहीं, भारत में भी लगभग 277 मिलियन टन से ज्यादा कबाड़ जेनरेट होता है। इतनी भारी मात्रा में वेस्ट को मैनेज करना सबसे मुश्किल (Waste management) है। ऐसे में अब लोग वेस्ट मटेरियल से घर की सजावट के आइटम, ज्वेलरी, पेंटिंग्स जैसी चीजें तैयार करके इस बड़ी समस्या को बिजनेस में बदल दिया है। कबाड़ के कारोबार से कइयों ने अपना फ्यूचर संवारा है और आज लाखों का मुनाफा भी कर रहे हैं।

कबाड़ से आप काफी कुछ बना सकते हैं। जैसे कि टायर से सीटिंग चेयर बना सकते हैं। अमेजन पर इसकी कीमत 700 रुपये के आसपास है। इसके अलावा प्याला, लकड़ी के क्राफ्ट, केतली, ग्लास, कंघा व अन्य होम डेकोरेशन सामान तैयार कर सकते हैं। अंत में मार्केटिंग का काम शुरू होता है। ई-काॅमर्स कंपनी अमेजन और फ्लिपकार्ट पर इसे बेच सकते हैं। इसे आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही प्लेटफॉर्म पर बेच सकते हैं। इसके अलावा आप पेंटिंग्स में रुचि रखते हैं तो अलग अलग पेंट्स बना सकते हैं।

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए सबसे पहले आप अपने आसपास और अपने घरों के बेकार सामान यानी की कबाड़ को इकठ्ठा कर लें। आप चाहें तो नगर निगम से भी वेस्ट ले सकते हैं। कई कस्टमर्स भी वेस्ट मटेरियल प्रोवाइड कराते हैं आप उनसे खरीद भी सकते हैं। इसके बाद उस कबाड़ की सफाई करें। फिर अलग अलग समान की डिजाइनिंग और कलर करें।

'द कबाड़ी डॉट कॉम' स्टार्टअप के ओनर शुभम के अनुसार शुरुआत में एक रिक्शा, एक ऑटो और तीन लोगों के साथ मिलकर घर-घर जाकर कबाड़ उठाना शुरू किया। आज इनका एक महीने का टर्न ओवर आठ से दस लाख रुपये तक पहुंच चुका है। ये कंपनी महीने में 40 से 50 टन कबाड़ी उठाते हैं।