पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतें आसमान छू रही हैं। एेसे में असम में निजी बसों में सफर करना अब महंगा हो सकता है। राज्य के निजी बस कंपनियों के मालिकों ने राज्य सरकार से बस का किराया बढ़ाने की अपील की है।

दिनों दिन बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल की कीमतों को देखते हुए उन्होंने कम से कम 40 फीसदी बस का किराया बढ़ाने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही बस के मालिकाें ने राज्य सरकार पर अारोप लगाया है कि सरकार उनकी मांगों को तवज्जों नहीं दे रही है। जबकि पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिस कारण से हमें नुकसान  हो रहा है।


इसी कड़ी में आॅल असम मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन के उपाध्यक्ष दिनेश कलिता ने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह में हम तीन बार ट्रांसपोर्ट मंत्री चंद्र मोहन पटवारी से मिलने के लिए कह रहे हैं लेकिन इस पर सरकार इस पर कोर्इ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सरकार बस मौखिक रूप से कह रही है लेकिन इस आेर कोर्इ काम नहीं किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दाम के कारण हमारा नुकसान हो रहा है।

इसके अलावा कलिता ने सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्य में सारी चीजों के दाम बढ़ रहे है लेकिन बस का किराया नहीं बढ़ाया जा रहा है। हमने सरकार को सारा विवरण दे दिया है कि कैसे हम घाटे चल रहे हैं। बता दें कि असम स्टेट ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन के अंदर वहां की बसें चल रही है जो इस समय घाटे में चल रहा है। कलिता ने कहा कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाएं सरकार को कुछ करना होगा