असम सरकार ने सोमवार को विधानसभा में जानकारी दी कि पांच आईपीएस और दो आईएएस अधिकारियों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज किए गए हैं। इन सभी के खिलाफ ट्रायल चल रहा है। भाजपा विधायक प्रणब कलिता के अतारांकित प्रश्न पर लिखित जवाब में संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने कहा कि जिन पांच आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हुए हैं उनमें मृदुल कुमार दत्ता, कुलाधर सैकिया, सत्या राज हजारिका,वाई.के. ग्यात्सो और एन. राजामारथानदन शामिल है।

पटवारी मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की ओर से जवाब दे रहे थे, जिनके पास गृह विभाग है। दत्ता,सैकिया और
हजारिका के खिलाफ सीआईडी पुलिस थाने में केस दर्ज है जबकि ग्यात्सो और राजामारथानदन के खिलाफ धुबरी जिले के बिलासिपाड़ा पुलिस थाने और गुवाहाटी के पलटन बाजार पुलिस थाने में केस दर्ज है। पटवारी ने कहा कि जिन दो आईएएस अधिकारियों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज किए गए हैं उनमें चौहान डोले और कुुमुद चंद्र कलिता शामिल है। 2015 में दिसपुर पुलिस थाने में डोले के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। डोले के घर घरेलू नौकर के रूप में काम करने वाली दो नाबालिग लड़कियों ने आईएएस पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था। कलिता के खिलाफ एसीबी के पुलिस थाने में केस दर्ज है।

यह मामला समाज कल्याण विभाग में फंड्स के कथित दुरुपयोग को लेकर दर्ज किया गया था। राज्य में 122 आईएएस और 97 आईपीएस अधिकारी हैं। पटवारी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश के बाद 13 अन्य
आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। इनमें प्रशांता सागर चांगमई,वियोलेट बरुआ, देबाज्योति मुखर्जी, मृदुल कुमार दत्ता, मिहिर गोस्वामी, जितमल डोले, मोईनुल इस्लाम मंडल, बिनोद
कुमार, एन.राजामारथानदन, प्रशांता कुमार दत्ता,जिबन सिंह, एसए करीम और मृदुलानंदा सरमा शामिल है। एन.राजामारथानदन को सिलापाथर में आसू के दफ्तर पर हुए हमले की जांच से जुड़ी जानकारी लीक क
रने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 2006 के आईपीएस अधिकारी,जो करोड़ों रुपए के लुईस बर्जर घोटाले में जांच कर रहे हैं को गुवाहाटी सिटी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।

उन्हें सिलापाथर घटना की जांच प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। श्रम कल्याण मंत्री पल्लब लोचन दास ने भाजपा विधायक अशोक सिंघल के प्रश्न के जवाब में बताया कि इस साल वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और इंडस्ट्री मिनिस्टर चंद्र मोहन पटवारी की चेयरमैनशिप के तहत एक अप्रेल को राज्य सरकार ने कैबिनेट सब कमेटी गठित की थी। मैं भी उसका सदस्य हूं। कमेटी असम टी कॉरपोरेशन लिमिटेड(एटीसीएल) से संबंधित सभी मुद्दों की जांच करेगी। इनमें बकाया मजदूरी भी शामिल है। बकौल दास, कमेटी की पहली मीटिंग इस साल 24 जून को हुई थी।