सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्राइवेट सेक्टर में काम करनेवाले कर्मचारियों के लिए पेंशन में बंपर बढ़ोतरी का रास्ता साफ कर दिया है।  कोर्ट ने ईपीएफओ की याचिका को खारिज करते हुए केरल हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कर्मचारियों को उनकी पूरी सैलरी के हिसाब से पेंशन देने का आदेश दिया गया था। 

केरल हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में भविष्‍य निधि संगठन को कहा था कि रिटायर होने वाले कर्मचारियों को उनकी अंतिम सैलरी के आधार पर पेंशन मिलनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि अभी तक ईपीएफओ अधिकतम 15,000 हजार रुपए तक की सैलरी को आधार बनाते हुए ही पेंशन देता था। ईपीएफओ ने इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी लेकिन उसे यहां भी निराशा ही हाथ लगी।

इससे प्रोविडेंट फंड में कमी आएगी क्योंकि अब ज्यादा हिस्सा पीएफ की जगह ईपीएस वाले फंड में जाएगा, लेकिन नए नियम से पेंशन इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी तो वह गैप भर ही जाएगा। 

इस तरह होगी पेंशन की गणना : कोर्ट के आदेश के बाद पेंशन की गणना नए फॉर्मूले से होगी। अब कर्मचारी के द्वारा की गई नौकरी में बिताए गए कुल वर्ष+2/70xअंतिम सैलरी के आधार पर होगी। इस तरह यदि किसी कर्मचारी की सैलरी 30 हजार रुपए महीना है और उसने 33 साल नौकरी की है, तो उसे नए नियमों के तहत 15 हजार रुपए की पेंशन मिलेगी।