मध्यप्रदेश के इंदौर में एक युवक की हत्या के बाद प्रशासन ने आज सुबह मामले के सात आरोपियों के अवैध निर्माण बुलडोजर से ढहा दिए गए। सूत्रों के मुताबिक महू तहसील के किशनगंज थाना क्षेत्र के गांव पिगडंबर में बुधवार रात एक राजनीतिक दल के पूर्व ग्रामीण उपाध्यक्ष उदल सिंह ठाकुर का बेटा सुजीत ठाकुर (20) अपने दोस्तों के साथ अपने प्लॉट पर गया। प्लॉट पर हो रहे बोरिंग को लेकर उसकी पास ही रहने वाले कुलदीप पवार से कहासुनी हो गई। 

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इस पर सुजीत ने कुछ लोग महू से बुलवा लिए। सभी ने मिलकर कुलदीप पर हमला कर दिया। इसी बीच चाकूबाजी शुरु हो गई और सुजीत के पेट और सीने में चाकू लगने से उसकी मौत हो गई। छह लोगों को गंभीर हालत में चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विवाद के बाद हुई हत्या से क्षेत्र में तनाव का माहौल हो गया। तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बताया जा रहा है कि हमला करने वाले परिवार के लोग रात में ही घर छोड़कर चले गए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। 

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शुरुआती जांच के बाद सात आरोपियों की पहचान कर ली गई है। इनके नाम लोकेश वर्मा, मलकेस वर्मा, मन्नू कन्हैया लाल, रोहित बनबारी, भूरा सुंदर, दरसन प्रकाश और राकेश डॉन बताए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक, ग्रामीण राकेश गुप्ता ने बताया कि पूरा विवाद बोरिंग के दौरान धूल उड़ने से हुआ। एक व्यक्ति की मौत हुई है और कुछ लोग घायल हैं। स्थिति अब नियंत्रण में है। वहीं आज सुबह प्रशासन ने घटना में चिन्हित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरु कर दी। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अपराधियों और कानून हाथ में लेने वालों को बख्शे नहीं जाने के स्पष्ट निर्देश हैं। इसी क्रम में इन्दौर में अपराधियों के कुत्सित इरादों और कानून हाथ में लेने की नापाक कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौके पर मौजूद अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पवन जैन ने बताया कि कल रात हुई घटना में युवक सुजीत ठाकुर की मृत्यु के बाद सात आरोपियों को चिन्हित कर उनके द्वारा किए गए अवैध निर्माण ढहाने की कार्रवाई की जा रही है। हिंसा की घटना की छानबीन की जा रही है।