गुडगांव। हरियाणा रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (हरेरा) के अध्यक्ष ने एक मामले की सुनवाई करते हुए अंसल हाउङ्क्षसग ग्रुप के निदेशकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुये कहा कि निवेशक को रुपए वापस नहीं करने पर बिल्डर को जेल होगी। हरेरा के अध्यक्ष ने एक मामले की सुनवाई करते हुए अंसल हाउङ्क्षसग ग्रुप के निदेशकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। बिल्डर ने फ्लैट की बुङ्क्षकग करने के समय पर तैयार करके निवेशक को हैंडओवर नहीं किया। जब निवेशक ने अपनी जमा की गई राशि मांगी तो बिल्डर ने यह राशि भी नहीं लौटाई। मामले को हरेरा में दायर कर निवेशक ने न्याय की गुहार की थी। 

ये भी पढ़ेंः अरुणाचल में स्थित है भगवान परशुराम का कुंड, रिजिजू ने शेयर किया अद्भुत वीडियो

इस गुहार के बाद अध्यक्ष के के खंडेलवाल ने यह गिरफ्तारी वारंट जारी किए। हरेरा के अध्यक्ष ने बताया कि राजीव शर्मा और पांच अन्य लोगों ने हरेरा एक्ट-2016 की धारा 31 (रूल-29 हरेरा-2017) के तहत याचिका दायर की थी जिसके तहत मेसर्स अंसल हाउङ्क्षसग लिमिटेड को निवेशकों की राशि पांच करोड़ रुपए 9.3 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने को कहा गया था। यह ब्याज राशि प्राप्त करने की तारीख से वापस करने की तारीख तक देने के आदेश दिए थे। अंसल हाउसिंग की तरफ से न तो यह राशि निवेशक को लौटाई गई और न ही निर्धारित समय में कोई अपील दायर की गई।

ये भी पढ़ेंः पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अरुणाचल प्रदेश भारत-चीन सीमा पर तीन मॉडल गांव विकसित करेगा

इसके बाद निवेशकों ने हरेरा के इन आदेशों को लागू करने के लिए अपील की। इसमें अंसल हाउसिंग का बैंक अकाउंट इस केस से अटैच कर दिया गया। बैंक मैनेजर ने हरेरा में बताया कि इस अंसल के इस बैंक खाते में कोई राशि नहीं है। इस पर अंसल हाउसिंग को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने के आदेश दिए गए थे। मामले में न्याय निर्णायक अधिकारी ने भी अंसल हाउसिंग को समन जारी किए थे। कई बार आदेशों के बावजूद भी अंसल हाउसिंग ग्रुप की तरफ से यह राशि वापस नहीं की। इस पर हरेरा के चेयरमैन के के खंडेलवाल ने अंसल हाउसिंग गुप के डायरेक्टर कुंशगर अंसल, करुण अंसल, एसएल कपूर, अशोक खन्ना समेत अंसल हाउसिंग के मैनेजर के खिलाफ भी वारंट जारी किया है।