पांच राज्यों यूपी, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) हैं। इस बीच मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) साल 2022-23 का आम बजट (General Budget) पेश करेंगी। कोरोना महामारी के दौर से गुजर रहे देश को बजट में सरकार से बहुत उम्मीदें हैं।

मंगलवार सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वर्ष 2022-23 का आम बजट लोक सभा में पेश करेंगी। वित्त मंत्री अपने दिन की शुरुआत सुबह 9 बजे से करेंगी। केंद्रीय मंत्री अपनी टीम के साथ सुबह 9 बजे वित्त मंत्रालय से राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना होंगी। 

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मिलने के बाद वित्तमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट को बजट के बारे में संक्षिप्त जानकारी देंगी और उसके बाद संसद के लिए रवाना होंगी। 

बता दें कि स्थापित परंपराओं के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति को सबसे पहले केंद्रीय वित्तमंत्री द्वारा बजट प्रावधानों के बारे में जानकारी दी जाती है। यह हमेशा एक प्रथागत बैठक है, क्योंकि राष्ट्रपति केंद्रीय बजट में किसी भी बदलाव का सुझाव नहीं देते हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर संसद में बजट पेश करने से पहले वित्तमंत्री को राष्ट्रपति से अनुमति लेनी होती है। 

राष्ट्रपति से मिलने के बाद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता वाले कैबिनेट से मिलेंगी और कैबिनेट को बजट के बारे में जानकारी देंगी है। वित्त मंत्रालय बजट के बारे में गोपनीयता बनाए रखता है, अपना भाषण पेश करने से पहले वित्तमंत्री बजट प्रावधानों के बारे में गोपनीयता रखने के लिए बाध्य हैं। सुबह 11 बजे बजट पेश होगा और वित्त मंत्री की स्पीच होगी।

क्या है उम्मीदें

इस बजट में कृषि , किसानों और एमएसएमई सेक्टर पर फोकस रहने की संभावना है। पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा बढ़ाया जा सकता है। किसान उत्पादक संघों ( FPO ) को और मजबूत करने का ऐलान , किसान आंदोलन के दौरान सरकार लगातार इसकी बात करती रही थी।

किसान पेंशन योजना के बजट में बढोत्तरी और उसका विस्तार हो सकता है। मनरेगा (MGNREGA) के बजट में इज़ाफ़ा होने की संभावना है। मध्यम वर्ग को है राहत की उम्मीद। इनकम टैक्स की सीमा में छूट के आसार। इलेक्ट्रॉनिक सामानों के आयात शुल्क में कटौती की संभावना है।

गाड़ियों और अन्य सामानों में इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर चिप के आयात और भारत में निर्माण को लेकर भी कुछ रियायतों का ऐलान सम्भव है। छोटे और मझौले उद्योगों को बड़ी राहत की उम्मीद है क्योंकि कोविड से सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाला सेक्टर यही है।