वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को 2022-23 (Budget 2022 Live Updates)  का बजट पेश किया। हालांकि इस बजट में टैक्सपेयर्स को कोई राहत नहीं मिली, लेकिन इस बजट भाषण को काफी छोटा बजटीय भाषण कहा जा रहा है। दरअसल वित्त मंत्री (Finance Minister) ने पूरे बजट को मात्र 1 घंटे 30 मिनट में पेश कर दिया, जो कि आम तौर पर दो घंटे तक चलता है। 

सीतारमण (sitharaman) ने एक टैब से भाषण पढ़ते हुए दूसरी पेपरलेस बजट (paperless budget) प्रस्तुति भी दी। उन्होंने महाभारत के शांति पर्व के एक श्लोक का भी हवाला दिया। बता दें कि निर्मला सीतारणम के नाम ही सबसे लंबा बजट भाषण (longest budget speech) देने का भी रिकॉर्ड है। निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2020 को केंद्रीय बजट 2020-21 (Budget 2021) पेश करते हुए 2 घंटे 42 मिनट तक बजट स्पीच देकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उनके इस बजट भाषण में कुल 18 हजार 926 शब्द थे। हालांकि बजट भाषण देते हुए उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसलिए आखिर के 2 पन्ने वो नहीं पढ़ पाई थीं। नहीं तो बजट 2020 और भी लंबा होता

2019 में, उन्होंने दो घंटे और 15 मिनट (135 मिनट) में सबसे लंबा भाषण दिया था, वहीं अगले साल, 2020 में, उन्होंने 160 मिनट से अधिक देर भाषण दिया। उनसे पहले जसवंत सिंह (Jaswant Singh) ने 2003 में 2 घंटे 15 मिनट तक भाषण दिया था। 2018 में वित्त मंत्री अरुण जेटली के भाषण में 18,604 शब्द थे। वहीं जब शब्द सीमा की बात आती है, तो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Former PM Manmohan Singh) ने 1991 के अपने ऐतिहासिक भाषण में 18,650 शब्द बोलकर एक रिकॉर्ड बनाया था - जब वे पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री थे। भारत में अब तक का सबसे छोटा बजट भाषण 1977 में तत्कालीन वित्त मंत्री हीरूभाई मुल्जीभाई पटेल ने बनाया था। इसमें 800 शब्द थे।