वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने अपने बजट (Budget 2022 Live Updates) भाषण में आयकर (income tax) छूट को लेकर कोई ऐलान नहीं किया। सैलरीड क्लास के लिए ये सबसे बड़ा झटका है। पुरानी कर दरें और व्यवस्था बनी रहेंगी, लेकिन डिजिटल करेंसी में लेनदेन करने वालों को इससे होने वाली आय पर 30 फीसदी कर चुकाना होगा। सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि डिजिटल करेंसी (currency) की खरीद पर होने वाले व्यय को छोडकऱ कोई छूट नहीं दी जायेगी। नुकसान होने पर भी कोई राहत नहीं मिलेगी। 

आपको बता दें कि टैक्सपेयर्स (taxpayers) को पिछले 8 साल से इनकम टैक्स में कोई छूट नहीं मिली है। अब यह इंतजार एक और साल बढ़ चुका है।  इससे पहले साल 2014 में आयकरदाताओं को राहत मिली थी। टैक्सपेयर्स की मांग है कि पिछले आठ साल में बहुत बदलाव हुए हैं। महंगाई  बढ़ी है, खर्चे बढ़े हैं. लेकिन टैक्स के मोर्चे पर राहत नहीं मिली। साल 2014 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने साल 2014 में आयकर छूट की सीमा (Income Tax Exemption Limit) 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी थी, जबकि 60 वर्ष से ज्यादा और 80 वर्ष से कम उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख से रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई थी।

इसके साथ ही नयी पेंशन स्कीम (new pension scheme) में राज्य कर्मचारियों की भागीदारी के लिए 10 प्रतिशत पर मिलने वाली कर छूट की सीमा को बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि छापे के दौरान बरामद और जब्त अघोषित आय के लिए किसी तरह के नुकसान को समायोजित करने अनुमति नहीं होगी। आय पर किसी तरह के अधिभार या उपकर को कारोबारी व्यय के तौर पर नहीं दिखाया जा सकेगा। इसके साथ ही 31 मार्च 2023 तक स्थापित होने वाले स्टार्टअप को भी कर प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों पर लगने वाले न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) की दर को 18 प्रतिशत से कम कर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।