1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2020 पेश करेंगी। इस बजट को अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई ऐसे सेक्टर जहां बीते दिनों मंदी की आहट दिखाई दी है, वित्त मंत्री उनके लिए बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं। सूत्रों की मानें तो वित्त मंत्री बजट में प्रॉपर्टी बेचने पर बड़ा तोहफा दे सकती हैं।


कहा जा जा रहा है कि सरकार इंडिया इंक की मांग पर एलटीसीजी टैक्स को खत्म कर सकती है। जबकि शेयरों पर LTCG की टाइमलाइन को 1 साल से 2 साल कर सकती है। साथ ही सरकार डिविडेंड पर लगने वाले डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) में भी बदलाव कर सकती है।

वर्तमान में अगर संपत्ति धारक 3 साल के भीतर संपत्ति में वापस निवेश नहीं करता है तो संपत्ति की बिक्री पर 30 फीसदी कैपिटल गेन का भुगतान करना पड़ता है, यदि संपत्ति 24 महीने के भीतर बेची जाती है, तो किसी व्यक्ति के आयकर स्लैब के अनुसार लाभ पर अल्पकालिक पूंजीगत लाभ कर (एसटीसीजी) का भुगतान करना पड़ता है। 24 महीनों के बाद LTCG टैक्स देना होता है, जो कि इंडेक्सेशन बेनिफिट्स के साथ 20% पर वसूला जाता है।


क्या है एलटीसीजी ?

एलटीसीजी या लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन प्रॉपर्टी, बैंक एफडी, ज्वेलरी, बॉन्ड, एनपीएस और कार आदि को बेचने के बाद हुए मुनाफे पर लगता है। हालही में मोदी सरकार ने इसे स्टॉक मार्केट में भी शामिल कर दिया था। ऐसी संभावना है कि सरकार इस बजट में प्रॉपर्टी बेचने पर कैपिटल गेन हटा सकती है। वर्तमान में 1 लाख रुपये से ज्यादा के गेन पर 10 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता है।

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