वित्त मंत्री अरुण जेटली लोकसभा में आम बजट पेश कर रहे हैं। उन्होंने गांव-किसान, हेल्थ सेक्टर, रेलवे, टैक्स, रोजगार समेत कई अहम मुद्दों पर बड़े ऐलान किये। उन्होंने  राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल के वेतन में बढोतरी का ऐलान भी किया। राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपये, उपराष्ट्रपति का वेतन 4 लाख और राज्यपाल का वेतन 3.5 लाख रुपये होगा।

 इनकम टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे मिडिल क्लास को कोई फायदा नहीं मिलेगा। आमदनी में से 40 हजार रुपये घटाकर लगेगा टैक्स। यानि जितनी आमदनी है उसमें 40 हजार घटाकर टैक्स लगेगा। 40 हजार रुपये तक स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। नौकरी पेशा को कोई छूट नहीं मिलेगी। डिपॉजिट पर मिलने वाली छूट 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार हुई। सीनियर सिटीजन को राहत दी गई है। 

सरकार को 2017-18 में 5.95 लाख करोड़ का घाटा हुआ। अभी जीडीपी का 3.5 फीसदी सरकारी घाटा काले धन के खिलाफ मुहिम का असर दिखा है। टैक्स देने वाले 19.25 लाख बढ़े, डायरेक्ट टैक्स का कलेक्शन 12.6 फीसदी हुआ। इनकम टैक्स कलेक्शन 90 हजार करोड़ बढ़ा। 

 जेटली ने कहा कि बिटक्वाइन जैसी करेंसी नहीं चलेगी। आधार से जरूरतमंद लोगों को फायदा मिला है। आधार से लोगों को जरूरी सेवाओं का लाभ मिला। 2 सरकारी बीमा कंपनियां शेयर बाजार में आएंगी। सरकारी कंपनियों के शेयर बेचकर 80 हजार करोड़ जुटाएंगे। नई नीति से सोना लाने और ले जाने में आसानी होगी। 

 रेलवे पर 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार, 600 स्टेशन आधुनिक बनेंगे। एयरपोर्ट की संख्या पांच गुना करने की कोशिश है। अभी 124 एयरपोर्ट से फ्लाइट्स उड़ रही है। 3600 नई रेल लाइन बिछाने का लक्ष्य है। मुंबई में लोकल ट्रेन के लिए खास योजना बनायी जायेगी। एस्कलेटर और कैमरे लगाए जाएंगे।