जम्मू-कश्मीर में आतंकी अब आसमान से हमले की तैयारी में हैं और इसके लिए वह ड्रोन को नए हथियार के रूप में उपयोग में ले रहे हैं। जम्मू एयरपोर्ट पर ड्रोन से धमाकों के बाद लगातार कश्मीर में ड्रोन की गतिविधियां देखी जा रही है। आज एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अरनिया सेक्टर में ड्रोन देखा गया है। हालांकि सतर्क बीएसएफ जवानों ने ड्रोन को मार गिराने के लिए करीब 20 से 25 राउंड फायरिंग की। जवानों की ओर से की गई कार्रवाई के बाद ड्रोन पाकिस्तान की ओर वापस चला गया।

बीएसएफ का कहना है कि आज सुबह पाकिस्तान का छोटा हेक्साकॉप्टर (एक तरह का ड्रोन) अरनिया सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था। अलर्ट बीएसएफ के जवानों ने ड्रोन पर गोलीबारी की। इस फायरिंग के चलते वह तुरंत वापस आ गया। गौरतलब है कि वायुसेना स्टेशन पर हमले के चार दिन बाद फिर से ड्रोन देखा गया। बुधवार रात 12.45 मिनट पर एयरबेस के ऊपर ड्रोन देखा गया। एनएसजी कमांडो ने कार्रवाई करने की कोशिश की, लेकिन ड्रोन गायब हो गया। एयरफोर्स प्रशासन की ओर से तत्काल पुलिस को भी जानकारी दी गई। प्रशासन को शक था कि कहीं आस-पास से ही कोई इसे ऑपरेट किया जा रहा है। हालांकि आस-पास की तलाशी के बाद भी सुरक्षा एजेंसियों के हाथ कुछ नहीं लग पाया है।

सूत्रों का कहना है कि ड्रोन हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई है। आशंका है कि ड्रोन पाकिस्तान से भेजे जा रहे हैं। इसके लिए मकवाल बॉर्डर को रूट माना जा रहा है। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं ड्रोन को आतंकी संगठन लश्कर के लिए काम करने वाले किसी आतंकी या ओजी वर्कर ने एयरबेस के पास से तो संचालित तो नहीं किया।