अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगते क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) (BSF) के अधिकार क्षेत्र को लेकर छिड़े विवाद के बीच अर्धसैनिक बल ने स्पष्ट किया है कि उसके पास प्राथमिकी दर्ज करने या जांच करने का अधिकार नहीं है। बीएसएफ (BSF) की ओर से यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा (West Bengal State Assembly) की ओर से एक प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) की उस अधिसूचना को वापस लेने की मांग की गई है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल के क्षेत्राधिकार को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किया गया है।

पश्चिम बंगाल सरकार (Government of West Bengal) ने आरोप लगाया है कि बीएसएफ के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र का विस्तार राज्य की शक्तियों और अधिकारियों पर अतिक्रमण करने का प्रयास है और देश के संघीय ढांचे को बिगाडऩे का प्रयास है। वहीं बीएसएफ के एडीजी, वाई. बी. खुरानिया ने बुधवार को कहा, पश्चिम बंगाल और असम के अलावा, अन्य राज्य जहां पूर्वी थियेटर में बीएसएफ तैनात है, जिसमें मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा शामिल है, वहां बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र पूरे राज्य को कवर करता है।

खुरानिया ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, दिनांक 11.10.2021 की अधिसूचना क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में उपरोक्त परिवर्तन केवल आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920 और पासपोर्ट अधिनियम 1967 के तहत बीएसएफ को प्रदत्त शक्तियों से संबंधित है। बीएसएफ के पास कोई पुलिस अधिकार नहीं है, क्योंकि उसके पास प्राथमिकी दर्ज करने या जांच करने का अधिकार नहीं है। किसी भी जब्ती या आशंका को राज्य पुलिस या किसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी को सौंपना होगा। अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक राज्य पुलिस का अधिकार क्षेत्र जारी है।

उन्होंने कहा, इस प्रकार, विस्तारित अधिकार क्षेत्र बीएसएफ को पुलिस के हाथों को मजबूत करने में मदद करेगा। यह एक सक्षम प्रावधान है, जिसका उद्देश्य राज्य पुलिस के प्रयासों को मजबूत और पूरक बनाना है। एडीजी ने कहा, बीएसएफ भारत-बांग्लादेश सीमा पर विभिन्न स्थानों पर संयुक्त गहराई क्षेत्र में गश्त, संयुक्त नाका आदि तैनात करने और मानव तस्करी विरोधी इकाइयों की स्थापना सहित संयुक्त अभियान चलाने के लिए पुलिस के साथ घनिष्ठ समन्वय में कार्य कर रही है। आईबी में सुरक्षा बनाए रखने के लिए बीएसएफ द्वारा सभी राज्य एजेंसियों के साथ तालमेल बनाए रखा जा रहा है।

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दिनहाटा विधायक उदयन गुहा (MLA Udayan Guha) द्वारा की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें गुहा ने कहा था कि बीएसएफ की ओर से तलाशी के नाम पर महिलाओं के साथ छेडख़ानी की जाती है। इस पर खुरानिया ने कहा, हमारे पास पूर्वी कमान में महिला प्रहरी (महिला गार्ड) हैं जो महिलाओं की तलाशी लेने का काम करती हैं। हमारे पास सीसीटीवी हैं। दुर्भाग्य से, ऐसी बातें कही जा रही हैं। बीएसएफ एक अनुशासित बल है। किसी भी प्रकार के दुराचार को हल्के में नहीं लिया जाता है, यदि सिद्ध हो तो कठोर कार्रवाई की जाती है। जब भी ऐसी कोई घटना होती है तो हम पूछताछ के आदेश देते हैं और पुलिस को भी सूचित करते हैं। ऐसे मामलों पर हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है।