चीन से चल रहे तनाव के बीच भारत ने पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी के करीब दुनिया की सबसे ऊंची सड़क बना दी है। 19 हजार 300 (19,300 फीट) की उंचाई पर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाईजेशन (बीआरओ) ने उमलिंग-ला दर्रे पर मोटर-मार्ग बनाकर पूरी कर ली है। ये सड़क भारत और चीन के बीच विवादित डेमचोक इलाके के करीब है।

गुरूवार को बीआरओ ने उमलिंग-ला पास (दर्रे) पर सड़क बनाने का दावा किया। बीआरओ ने अपने आधिकारिक ट्वीटर एकाउंट पर उमलिंग-ला दर्रे की सड़क का वीडियो जारी कर कहा कि ‘प्रोजेक्ट हिमांक’ के दुनिया की सबसे उंची सड़क निर्माण बनाने का संकल्प देखिए। बीआरओ के मुताबिक, माइनस (-) 40 डिग्री सेल्सियस तापमान पर  आदमी और मशीन दोनों की परीक्षा होती है... और बीआरओ के ‘कर्मयोगियों’ ने अपनी जान जोखिम में डालकर दुनिया के बेहद ही मुश्किल लक्ष्य को सफलता-पूर्वक पूरा किया।

अभी तक लद्दाख की ही खरदूंगला सड़क (18,380 फीट) को दुनिया की सबसे उंची सड़क माना जाता था। लेकिन उमलिंग-ला दर्रे की सड़क अब दुनिया की सबसे उंची सड़क बन गई है। आपको बता दें कि उमलिंग-ला पास भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ कंट्रोल (एलएसी) के विवादित डेमचोक इलाके के करीब है। इस पास के बनने से पूर्वी लद्दाख के डेमचोक और हैनले जैसे इलाकों के बीच कनेक्टेविटी तो बढ़ ही जाएगी, साथ ही सेना की मूवमेंट भी तेजी से हो सकेगी।

इसी महीने तिब्बत के धर्म-गुरू दलाई लामा के जन्मदिन के मौके पर डेमचोक में जब कुछ स्थानीय लोग जश्न मना रहे थे तो चीनी सैनिकों और चीनी नागरिकों ने बैनर दिखाकर उसका विरोध किया था। इसके अलावा, हाल ही में खबर आई थी कि चीनी नागरिकों ने डेमचोक के करीब अपने तीन टेंट लगा लिए हैं। हालांकि, सेना ने साफ किया था कि ये तीनों टेंट दो साल पुराने हैं।