अंग्रेजों के देश ब्रिटेन को तगड़ा झटका लगा है। क्योंकि सऊदी अरब में ब्रिटिश कॉन्सुल जनरल (british diplomat) ने इस्लाम धर्म स्वीकार (convert to islam) कर लिया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर इस बात का खुलासा किया है। अब उन्होंने अपना नाम बदलकर सैफ अशर रख लिया है। मदीना में मस्जिद अल नबावी में मौजूद सैफ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। सैफ ने इस संबंध में ट्विटर पर एक ट्वीट भी किया है। उन्होंने लिखा कि मैं अपने पसंदीदा शहर मदीना लौटकर बेहद खुश हूं और मैं यहां आकर अपना पैगंबर की मस्जिद में फज्र की नमाज अदा कर बेहद खुश महसूस कर रहा हूं।

सैफ ने ये भी कहा कि वे मदीना में ब्रिटिश मुसलमानों (British Muslims) की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से पहले तक हर साल यहां 1 लाख से अधिक लोग आते थे। मुझे यकीन है कि यह संख्या बढ़ेगी क्योंकि यहां सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का अद्भुत विकास जारी है। हालांकि, सैफ पहले ऐसे राजनयिक नहीं हैं जिन्होंने इस्लाम धर्म को कबूल किया है। इससे पहले सऊदी अरब में ब्रिटिश राजदूत साइमल कोलिस ने इस्लाम धर्म अपनाया था और उन्होंने हज की यात्रा भी की थी। कोलिस ने कहा था कि वे 30 सालों तक मुस्लिम समाज में रहे हैं और तीन दशक इस समाज में रहने के बाद ही उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने का फैसला किया था।

साल 2016 में पारपंरिक कपड़ों में कोलिस की एक तस्वीर भी वायरल हुई थी जिसमें वे अपनी सीरियाई पत्नी हुदा अल-मुजरकेच के साथ मक्का मदीना (makka madina) में नजर आए थे। कोलिस इस तस्वीर में हज की वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए पहने जाने वाले पारंपरिक सफेद एहराम कपड़ों में दिखे थे। उन्होंने साल 2007 से 2012 तक सीरिया में ब्रिटेन के राजदूत के तौर पर भी काम किया था। इस दौरान ब्रिटेन और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के बीच राजनयिक संबंधों में खटास भी देखने को मिली थी।