ब्रिटेन में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच 19 जुलाई को कोरोनावायरस लॉकडाउन से जुड़ी सभी पाबंदियां हटा ली जाएंगी। ब्रिटिश सरकार इस दिन को ‘फ्रीडम डे’ के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है। साथ ही इन प्रतिबंधों के हटते ही लोगों को मास्क लगाने की जरूरत नहीं होगी। ब्रिटेन के कैबिनेट मंत्री रॉबर्ट जेनरिक ने इस बात की पुष्टि कर दी है। स्काई न्यूज से बात करते हुए जेनरिक ने कहा, फ्रीडम डे के दिन मास्क लगाने की अनिवार्यता खत्म कर दी जाएगी।

मैट हैनकॉक के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन में स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा संभालने वाले साजिद जावेद ने पहले ही कहा है कि वह 19 जुलाई को प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहे हैं। ब्रिटेन में करीब 60 फीसदी आबादी को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज मिल चुकी हैं। बहरहाल, वहां तेजी से बढ़ रही संक्रमण दर के बीच भारत समेत पूरी दुनिया लॉकडाउन खोलने के ब्रिटिश सरकार के फैसले पर नजर रखे हुए है। लॉकडाउन खुलने के बाद अगर ब्रिटेन में संक्रमण की रफ्तार तेज होती है और मरने वालों की संख्या में भी इजाफा होता है तो यह निश्चित तौर पर पूरी दुनिया के लिए एक समस्या होगी।

ब्रिटेन में अब तक के आंकड़ों के मुताबिक संक्रमण की दर भले ही तेज हो लेकिन अस्पताल में भर्ती होने और मरने वालों की संख्या बहुत कम है। ऐसे में संभव है कि वैक्सीनेशन की वजह से कोरोना के घातक डेल्टा वेरिएंट का भी खतरनाक असर ब्रिटेन में नहीं दिखा रहा है। ब्रिटिश स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि वैक्सीन निश्चित रूप से अपना काम कर रही है। इस बात की भी खबर है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन 19 जुलाई से अनिवार्य रूप से मास्क पहनने की जरूरत को खत्म कर देंगे। हालांकि, सरकार फिर भी लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहती रहेगी।

ब्रिटिश वैक्सीनेशन प्रोग्राम से जुड़े हुए एक प्रमुख विशेषज्ञ ने दावा किया कि डेल्टा वेरिएंट की वजह से ब्रिटेन में वायरस की तीसरी लहर आई है। ब्रिटेन में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 24 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। सरकार के मुताबिक, देश में 80 फीसदी लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज दी जा चुकी है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के ताजा डाटा के अनुसार, वैक्सीन की एक डोज किसी व्यक्ति के कोरोनावायरस से संक्रमित होने और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना को 75 फीसदी तक कम कर देती है। भले ही वे डेल्टा वेरिएंट से ही क्यों न संक्रमित हुए हैं।