ब्रिटेन में कोरोना वायरस की एक नई किस्म के तेजी से फैलने से लोगों के बीच दहशत पैदा हो गई है। ब्रिटिश सरकार ने शनिवार को लंदन और देश के अन्य हिस्सों में फिर लॉकडाउन लागू कर दिया, क्योंकि इन इलाकों में यह नया वायरस तेजी से फैल रहा था। उधर, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया, आयरलैंड, चिली और बुल्गारिया के बाद अब सऊदी अरब ने बेहद सख्‍त कदम उठाया है। सऊदी अरब ने ऐलान किया है कि कोरोना के एक नए प्रकार (स्ट्रेन) के सामने आने और उसके तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर अस्थायी रूप से अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय यात्री विमान सेवाएं स्थगित कर दी हैं।

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि वायरस का यह नया प्रकार सार्स-सीओवी-2 वायरस (कोरोना वायरस) के अन्य प्रकारों से 70 फीसदी अधिक खतरनाक है। ब्रिटेन में हाल के दिनों में सामने आए संक्रमण के नए मामलों के पीछे इसी वायरस का हाथ बताया जा रहा है। अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या इस वायरस से संक्रमित मरीजों पर कोरोना की वैक्सीन प्रभावी होगी या नहीं।

नए वायरस को लेकर इसलिए चिंता की जा रही है, क्योंकि यह तेजी से वायरस के अन्य संस्करणों की जगह ले रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका नतीजा यह होगा कि यह अधिक तेजी से फैलना शुरू हो जाएगा। हालांकि, निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता है लेकिन एहतियात के तौर पर ब्रिटेन में नए सिरे से लॉकडाउन लागू किया गया है। ब्रिटेन और अमेरिका के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि वायरस का यह नया प्रकार दूसरों की तुलना में अधिक आसानी से संक्रमित करने वाला लगता है। ब्रिटिश सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार पैट्रिक वालेंस ने कहा, यह नया वायरस तेजी से फैल रहा है और दिसंबर में लंदन में सामने आए 60 फीसदी मामले इस वायरस से जुड़े हुए थे।