केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के चमोली में हुई तबाही को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की है। बता दें कि चमोली में ग्लैशियर टूटने से बड़ी तबाही मच गई है। शाह ने उत्तराखंड सरकार को ये आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में हुई इस त्रास्दी की घड़ी में हर संभव मदद देगी। 

उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही हुई है। जिले के रेणी गांव के पास ग्लेशियर टूटा है। प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। इसमें कई ग्रामीणों के घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्लेशियर धोली नदी के किनारे किनारे बह रहा है। चमोली जिले के रैणी गांव के ऊपर वाली गली से ग्लेशियर टूट गया है जिस कारण यहां पावर प्रोजेक्ट ऋषि गंगा को भारी नुकसान हुआ है।

इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे करीब 40 से 50 मजूदरों को ढूंढने के लिए रेस्कयू ऑपरेशन जारी है। आईटीबीपी के 100 से ज्यादा जवान राहत-बचाव के लिए पहुंच गए हैं। निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।  ये घटना सुबह आठ से नौ बजे के बीच की है। एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। ये ग्लेशियर चमेली होते हुये ऋषिकेश तक पहुंचेगा। जोशीमठ, श्रीनगर तक हाई एलर्ट किया गया है।

जोशीमथ की एसडीएम कुमकुम जोशी ने कहा कि तपोवन में एनटीपीसी और ऋषि गंगा का पूरा प्रोजेक्ट बर्बाद हो चुका है। पूरी नदी मलबे में तब्दील हो गई है और मलबा धीरे धीरे बह रहा है। चमोली, देवप्रयाग और सभी नदी किनारे बसे गांव के प्रशासन को जानकारी दे गई है। वहां काम कर रहे कुछ लोगों को चोटें आईं हैं। हालांकि कितने लोग बहे हैं या कितने लोगों को नुकसान पहुंचा है इस बारे में ठीक ठीक कोई जानकारी नहीं है।

कुमकुम जोशी ने कहा कि ITBP, SDRM और आर्मी के लोगों को वहां पर लगा दिया गया है। फिलहाल जोशीमथ की एसडीएम ऊपर वाले इलाके में जा रही हैं जहां पर ग्लेशियर टूटने की घटना घटी है। फिलहाल सभी निचले इलाकों को सूचित कर दिया गया है जिससे कि लोगों को वहां से हटा लिया जाए। फिलहाल गांव से किसी तरह के हानी की सूचना नहीं आई है।