बढ़ती उम्र के साथ याददाश्त में कमी (memory loss) आम समस्या है। अपनी मैमोरी को बनाए रखना बुजुर्गों के लिए काफी मुश्किलभरा काम है। लेकिन लगता है विज्ञान ने इस समस्या का भी हल खोज निकाला है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा हैलमेट (गैजेट) बनाया है जो भूलने की बीमारी से निजात दिलाएगा। दूसरे शब्दों में कहें तो ब्रेन जैपिंग हैलमेट डिमेंशिया (brain zapping helmet) में मारक औषधि की तरह कारगर सिद्ध हो सकता है। यह कारनामा कर दिखाया है ब्रिटेन के डरहम विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों (Durham University scientists) ने।

जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट से जुड़े डॉ. गॉडल डूगल (Dr. Godal Doogle) का कहना है कि इस विशेष हैलमेट को पहनने के बाद याददाशत को नियंत्रित करने वाली मस्तिष्क की डैमेज कोशिकाओं को फिर से दुरुस्त किया जा सकेगा। यानी हैलमेट के इस्तेमाल से मस्तिष्क की कोशिकाओं के काम करने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकेगा जिससे याददाश्त सुधर सकेगी।

वैज्ञानिकों का दावा है कि यह हैलमेट सिर्फ 6 मिनट के लिए ही पहनना होगा, जिसके बाद व्यक्ति को खुद अंतर महसूस होने लगेगा। डॉ. डूगल (Dr. Godal Doogle) का कहना है कि हैलमेट से निकलने वाली इंफ्रारेड किरणें (infrared rays) मस्तिष्क के भीतरी हिस्सों तक पहुंच अपना असर छोड़ेगी। इससे मस्तिष्क के डैमेज सेल्स रिपेयर (Damage Sales Repair) होने लगेंगे। इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद याददाश्त में सुधार होने लगेगा। साथ ही कहा जा रहा है कि हैलमेट के जरिए रक्त संचार में भी सुधार संभव है।

याददाशत सुधारने वाले इस हैलमेट को लेकर 13 लोगों पर रिसर्च किया गया है। इसमें पाया गया कि हैलमेट का मस्तिष्क पर सकारात्मक असर पड़ रहा है। मस्तिष्क की काम करने की क्षमता ठीक हुई और याददाश्त में भी बढ़ोतरी देखी गई। विशेषज्ञों के मुताबिक डिमेंशिया तभी होता है जब ब्रेन सेल्स तेजी से नष्ट होने लगते हैं। करीब 7.5 लाख रुपए का यह हैलमेट इस बीमारी के इलाज में गेमचेंजर बताया जा रहा है। हालांकि इसे अभी बाजार में आने में वक्त लगेगा।