बांग्लादेश और भारत के सीमा सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारियों के बीच चार दिवसीय सम्मेलन के अंतिम दिन रोहिंग्या लोगों के आने से ‘‘सुरक्षा चिंताओं’’ समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।

अगरतला में मंगलवार को संपन्न द्विवार्षिक कांफ्रेंस में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बार्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के अधिकारियों ने प्रभावी समन्वय से शांति बहाल रखने का संकल्प लिया।


बीएसएफ फ्रंटियर में प्रेस के साथ बात करते हुए बीजीबी के अतिरिक्त महानिदेशक मोहम्मद जाहिद हसन ने बताया कि दोनों पक्षों ने रोहिंग्या शरणार्थियों की घुसपैठ सहित सीमा अपराधों को नियंत्रित करने के तरीकों पर चर्चा की।

बीएसएफ के महानिरीक्षक एच के लोहिया ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों से ‘खतरे की आशंका’ को पूरी तरह खारिज नहीं किया जाना चाहिए।