कर्नाटक के 30वें मुख्यमंत्री के रूप में बुधवार को शपथ लेने वाले बसवराज बोम्मई भी भारत के अनेक राजनेताओं की तरह ही एक पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं। उनके पिता एस. आर. बोम्मई 1988-99 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री थे। इसके साथ ही बसवराज बोम्मई कुलीन पिता-पुत्र या पिता-पुत्री मुख्यमंत्रियों के क्लब में शामिल हो गए हैं। पिता-पुत्र या पिता-पुत्री की जोड़ी का मुख्यमंत्री बनना भारत में काफी नियमित घटना बनती जा रही है और इससे पहले भी विभिन्न राज्यों के कई पिता-पुत्र राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

बसवराज बोम्मई से पहले, कम से कम 12 ऐसे मामले देखे गए हैं, जहां पूर्व मुख्यमंत्रियों की संतानें खुद मुख्यमंत्री बनी हैं। यह सूची देश के लगभग सभी हिस्सों में फैली हुई है, यह संयोजन पश्चिम में महाराष्ट्र, पूर्व में ओडिशा, उत्तर में जम्मू एवं कश्मीर और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में देखने को मिला है। दिलचस्प बात यह है कि भारत के दक्षिण में प्रवृत्ति अधिक स्पष्ट है, जहां पिता-पुत्र के संयोजन ने यहां पांच में से तीन राज्यों में मुख्यमंत्री की सीट पर कब्जा किया है। बोम्मई के अलावा कर्नाटक ने देवगौड़ा-कुमारस्वामी संयोजन को मुख्यमंत्रियों के रूप में देखा है। पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा 1994-96 में मुख्यमंत्री थे, जबकि उनके छोटे बेटे एच. डी. कुमारस्वामी अब तक तीन बार राज्य के मुखिया के तौर पर नेतृत्व कर चुके हैं।

पड़ोसी तमिलनाडु में, वर्तमान मुख्यमंत्री स्टालिन के पिता, दिवंगत एम. करुणानिधि 1996 और 2011 के बीच पांच बार मुख्यमंत्री रहे थे। जबकि आंध्र प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री, वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के पिता, दिवंगत डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी 2004 और 2009 के बीच अविभाजित आंध्र प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे। पूर्वी राज्य ओडिशा की बात की जाए तो यहां दिवंगत बीजू पटनायक ने मुख्यमंत्री के रूप में दो बार कार्यकाल संभाला था। उनका पहला कार्यकाल 1961-63 में और फिर दूसरा कार्यकाल 1990-95 में रहा था। वर्तमान में, उनके बेटे नवीन पटनायक मुख्यमंत्री हैं और वर्ष 2000 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद से लगातार पांच बार से इस पद पर हैं।

अन्य प्रमुख पिता-पुत्र संयोजनों में उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव, झारखंड में शिबू सोरेन और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, हरियाणा में देवी लाल और ओम प्रकाश चौटाला, महाराष्ट्र में शंकर राव चव्हाण और अशोक चव्हाण, तत्कालीन जम्मू एवं कश्मीर राज्य में फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला भी इस सूची में शामिल हैं। तत्कालीन जम्मू एवं कश्मीर राज्य में मुफ्ती मोहम्मद सईद और उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती के रूप में एक पिता-पुत्री मुख्यमंत्री की जोड़ी भी रही है।