किसी शादीशुदा महिला पर लव चिट फेंकना उसकी गरिमा का अपमान है। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने महाराष्ट्र के अकोला जिले के आरोपी श्रीकृष्ण तावरी पर 90 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसमें से 85 हजार रुपए पीडि़ता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।

मामले में अकोला सेशंस कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि किसी भी महिला का सबसे कीमती गहना उसकी इज्जत होती है। जस्टिस रोहित देव ने फैसला सुनाया कि शिकायतकर्ता 45 साल की एक शादीशुदा महिला है। उसके ऊपर ऐसी चिट फेंकना जिसमें प्यार का इजहार किया गया हो और जिसमें कविताओं का अंश हो, उसकी इज्जत से खिलवाड़ के लिए पर्याप्त है। जज ने कहा, निचली अदालत के फैसले में कोई गड़बड़ी नहीं दिखती।

घटना 3 अक्टूबर 2011 की है। आरोपी श्रीकृष्ण तावरी किराने की दुकान चलाता है। महिला जब अपने घर पर थी तो आरोपी शख्स ने उसे एक चिट देने की कोशिश की। जब महिला ने चिट को लेने से इनकार कर दिया तो उसने इसे महिला के ऊपर फेंक दिया। साथ ही उसने आई लव यू भी कहा। अगले दिन उसने अश्लील इशारे भी किए। साथ ही चिट में लिखी गई बात को किसी को भी ना बताने की धमकी दी। इस मामले में महिला ने शिकायत दर्ज करवाई। अकोला सेशंस कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। 21 जून 2018 को कोर्ट ने आरोपी को दो साल जेल की सजा सुनाई। उस पर 40 हजार का जुर्माना भी लगाया गया।

तावरी ने अदालत के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी। आरोपी ने कोर्ट में कहा कि महिला ने उसके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई है। उसकी किराने की दुकान से महिला ने उधारी में सामान खरीदे थे और बकाया पैसा वापस नहीं कर रही थी। कोर्ट ने धारा 506 के तहत सुनाई गई सजा को कम करते हुए कहा कि अभी आरोपी को सुधार का एक मौका दिया जा सकता है। तावरी मामले में पहले ही 45 दिन जेल में काट चुका है। हालांकि जज ने जुर्माने की रकम को बढ़ाकर 90 हजार करते हुए इसे ट्रायल कोर्ट में 15 दिन के अंदर जमा करने का आदेश दिया है।