कोरोना की तीसरी लहर के बाद से सरकार ने कोरोना बूस्टर डोज लगाने का अभियान शुरू कर दिया है। अभी देश में 60 उम्र के लोगों को बूस्टर डोज लगायी जा रही है। इस पर डोज पर केंद्र सरकार ने कोरोना बूस्टर डोज की पॉलिसी भी चलायी जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से सवाल किया है कि कोरोना वैक्सीन बूस्टर डोज (Vaccine Booster Dose) की क्या पॉलिसी है ?

मुंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार और मुंबई महानगरपालिका (BMC) को कोरोना की बूस्टर डोज (Vaccine Booster Dose) देने के संबंध में क्या नीति अपनाई जा रही है, की जानकारियां उपलब्ध करवाएं। कोर्ट ने इसके लिए दस दिनों का समय दिया है।


कोर्ट (Bombay High Court) ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एड. आदित्य ठक्कर ने मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायाधीश अनिल किलोर की खंडपीठ को यह जानकारी दी कि वरिष्ठ नागरिकों और फ्रेंटलाइन वर्कर्स को कोरोना की बूस्टर डोज देने के संदर्भ में केंद्र सरकार ने गाइडलाइंस तैयार की हुई है।

देश में कोरोना केस-

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3 लाख 37 हजार  4 नए केस सामने आए हैं और 488 लोगों की मौत हुई है। अब तक ओमिक्रॉन के भी 10 हजार 50 मरीज सामने आ चुके हैं। अब तक कोरोना वैक्सीन की 161.16 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है और 71.34 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है।