फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने के मामले से सुर्खियों में आए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Narcotics Control Bureau) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेडे (Samir Wankhede) के परिवार को बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने बड़ी राहत दी है।  दरअसल कोर्ट ने वानखेड़े के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए नवाब मलिक (Nawab Malik) और उनके परिवार को निर्देश दिया कि वह वानखेड़े की फैमिली के खिलाफ सोशल मीडिया (Social media) पर कुछ भी शेयर नहीं करेंगे।  आदेश में स्पष्ट कहा गया कि वानखेड़े के परिवार के खिलाफ किसी भी तरीके से कोई बयानबाजी नहीं की जाएगी। 

दरअसल समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) और उनके परिवार पर नवाब मलिक द्वारा लगातार कई आरोप लगाए जा रहे हैं।  जिसे देखते हुए समीर के पिता ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपील की थी।  अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने उसी मामले में सुनवाई करते हुए नवाब मलिक को झटका दिया है।  इस निर्देश के बाद नवाब मलिक अब समीर वानखेडे के परिवार पर किसी तरह की बयानबाजी नहीं कर पाएंगे। 

वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव ने इस महीने की शुरुआत में उच्च न्यायालय में मलिक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था, जिसमें अन्य बातों के अलावा, मंत्री को उनके और उनके परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक बयान पोस्ट करने से रोकने का अनुरोध किया गया था। ज्ञानदेव वानखेड़े ने भी 1.25 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है। वहीं इससे पहले 22 नवंबर को कोर्ट ने उनकी मांग को ठुकरा दिया था। वानखेड़े की याचिका पर अदालत ने कहा था कि डिफिडेंट (नवाब मालिक ) को राइट टू स्पीच का अधिकार है।