सपा-रालोद की दोस्ती का रंग विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही और चटख होने लगा है।   सपा मुखिया अखिलेश यादव और रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुलाकात में इसका ब्लूप्रिंट तैयार हो गया है। 

कृषि कानून विरोधी आंदोलन से मिली संजीवनी के बाद रालोद (राष्ट्रीय लोक दल) ने अपनी ताकत बढ़ाते जाने का पूरा खाका तैयार कर लिया है।   अपने सहयोगी दल सपा को विश्वास में लेकर वह भाईचारा सम्मेलन भी शुरू करने जा रहा है।   इसकी शुरुआत 27 जुलाई को खतौली (मुजफ्फरनगर) से होने जा रही है।   बाद में अन्य जिलों में भी ऐसे ही सम्मेलनों की तिथियां घोषित की जाएंगी।   रालोद ने किसानों के मुद्दे पर सभी जातियों को जोड़ने का अभियान शुरू किया है। 

इस बीच रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र तैयार करने की कवायद भी शुरू कर दी है।   इसके लिए उन्होंने लोक संकल्प समिति का गठन किया है।   खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. यशवीर सिंह इस समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं, जबकि पूर्व विधायक प्रो. अजय कुमार सह अध्यक्ष बनाए गए हैं।   कुल 20 सदस्यीय इस समिति में जन प्रतिनिधियों के अलावा अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञ भी रखे गए हैं।   समिति ने जनता से सुझाव लेने के लिए ई-मेल आईडी, व्हाट्सअप नंबर और ट्विटर हैंडल जारी किया है।   रालोद का कहना है कि लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ रायशुमारी में उसका अटूट विश्वास है।