Corona के साथ ही अब Black Fungus भी लोगों की जानें ले रही है जिसके चलते इसें महामारी घोषित कर दिया गया है। यह काम फिलहाल राजस्थान सरकार ने किया है। राज्य में जानलेवा संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजस्थान सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है। एक दिन पहले ही हरियाणा सरकार ने भी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया है। हरियाणा सरकार ने इसको लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए और इनका पालन नहीं होने पर दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान के चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में अधिसूचना जारी की। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा अखिल अरोरा द्वारा जारी इस अधिसूचना के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण के प्रभाव के कारण म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि, ब्लैक फंगस के कोरोना वायरस संक्रमण के दुष्प्रभाव के रूप में सामने आने, कोविड-19 व ब्लैक फंगस का एकीकृत व समन्वित उपचार किए जाने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।

राजस्थान महामारी अधिनियम 2020 की धारा 3 की सहपठित धारा 4 के तहत म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) को संपूर्ण राज्य में महामारी और अधिसूचनीय रोग अधिसूचित किया गया है। गौरतलब कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुछ दिन पहले राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके मरीजों में म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) बीमारी के मामले सामने आने को चिंता जताई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह बीमारी कोरोना वायरस से ठीक हुए मधुमेह के रोगियों में अधिक हो रही है। इस बीमारी में पीड़ित की आंखों की रोशनी जाने के साथ ही जबड़े तक को निकालने की नौबत आ रही है। राजस्थान में करीब 100 मरीज ब्लैक फंगस से प्रभावित हैं। इनके उपचार के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में अलग से वार्ड बनाया गया है, जहां पूरे प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जा रहा है।

ब्लैक फंगस एक गंभीर लेकिन दुर्लभ फंगल संक्रमण है जो म्यूकोर्मिसेट्स नामक मोल्डों के समूह के कारण होता है। ये मोल्ड पूरे वातावरण में रहते हैं। यह मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित करता है जिन्हें स्वास्थ्य समस्याएं हैं या ऐसी इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं लेते हैं जो शरीर की रोगाणुओं और बीमारी से लड़ऩे की क्षमता कम करती हैं। उन्होंने मरीजों को सलाह दी गई है कि वे शीघ्र उपचार कराएं, मधुमेह नियंत्रित करें, स्टेरॉयड तभी लें जब ये आवश्यक हों।