ब्लैक फंगस के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। कोरोना कमजोर होते ही ब्लैक फंगस ने जोर पकड़ लिया है। महाराष्ट्र की बात करें तो कोरोना के घटते मामलों के बीच अब ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 421  लोगों की मौत ब्लैक फंगस से हो चुकी है। वहीं अब तक 3,914 मामले सामने आ चुके हैं। कुछ लोगों की आंखों को निकाल दिया गया है।

केंद्रीय उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने कहा कि “ केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों को एम्फोटेरिसिन-बी की अतिरिक्त 30,100 शीशियां आवंटित की हैं।  एम्फोटेरिसिन-बी का इस्तेमाल म्यूकोर्मिकोसिस के इलाज में किया जाता है ”। इन्होंने बताया कि इस बीमारी को ब्लैक फंगस के नाम से भी जाना जाता है जो नाक, आंख, साइनस और कई बार मस्तिष्क को बुरी तरह प्रभावित करती है। यह नाक से होते हुए आंख से दिमाग को संक्रमित कर देती है।


ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए गौड़ा ने ट्विटर पर जानकारी दी है कि '' सभी राज्यों/केंद्रशासित क्षेत्रों और केंद्रीय संस्थानों को आज एम्फोटेरिसिन-बी की अतिरिक्त 30,100 शीशियां आवंटित की गयीं ''। सरकार ने नये आवंटन के तहत महाराष्ट्र को सबसे ज्यादा 5,900 और गुजरात को 5,630 शीशियां उपलब्ध करायी हैं। इसी तरह से मध्य प्रदेश को 1,920, तेलंगाना को 1,200, उत्तर प्रदेश को 1,710 अतिरिक्त शीशियां दी गयी हैं।