देश में कोरोना की दूसरी लहर अभी तक खत्म भी नहीं हुई है और तीसरी कोरोना की लहर आने के लिए तैयार है। वैसे तो कोरोना की तीसरी लहर देश में दस्तक दे चुकी है। बताया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों का अपनी शिकार बनाएंगी। इसका असर बच्चों पर काफी देखा भी जा रहा है। अभी ब्लैक फंगस लोगों की आंखे छींन रहा है। कई सैकड़ों लोगों की आंखे ब्लैक फंगस के कारण अब तक निकाली जा चुकी है।  

हैरानी की बात यह है कि ब्लैक फंगस बड़े बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि बच्चो को भी अपना शिकार बना रही है। इसी के मामले देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सामने आए हैं। जिसमें तीन बच्चोंर की आंखें निकालनी पड़ी हैं। बता दें कि महाराष्ट्रज में 4 से 16 साल के बच्चोंं में भी ब्लैबक फंगस की शिकायत मिली है। बच्चोंम में तेजी से बढ़ रहे ब्लै क फंगस के मामलों को देखने के बाद डॉक्टलरों ने चिंता जताई है।


ब्लैाक फंगस के बढ़ते मामलों पर फोर्टिस हास्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट-पीडियाट्रीशियन डॉ. जेसल शाह ने बताया कि “ कोरोना की दूसरी लहर में महाराष्ट्रल में कई बच्चेर संक्रमण की चपेट में आ गए थे। कोरोना से ठीक हो चुके बच्चों  में अब ब्लैटक फंगस देखा जा रहा है. अस्पकताल में इलाज कराने आईं दो बच्चियों में ब्लैक फंगस पाया गया। दोनों जब हमारे पास आईं थीं तब 48 घंटे में ही उनकी एक आंख काली पड़ गई थी ”। डॉक्टेर शाह ने बताया कि ब्लैक फंगस बच्चियों की नाक, आंख और सायनस में फैला हुआ था।