मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की त्रिपुरा राज्य समिति ने रविवार को राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं पर पिछले 24 घंटे के दौरान मोहनपुर तथा कैलाशहर में अपने नेताओं तथा पार्टी के मुखपत्र में काम करने वाले कर्मचारियों एवं संवाददाताओं पर हमला करने का आरोप लगाया। 

इसके साथ ही माकपा ने भाजपा पर राज्य के अन्य हिस्सों में भी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप लगाया। पार्टी के राज्य इकाई के सचिव बिजन धर ने आरोप लगाया कि 27 जून की रात जंगल में 11 वर्षीय पूर्ण विश्वास का शव मिलने के बाद राज्य के कानून मंत्री रतन लाल नाथ ने गुर्दे की तस्करी करने वाले गिरोह के संबंध में अफवाह उड़ायी। यह अफवाह पूरे राज्य में फैली और इसके कारण आम लोगों पर हुए हमलों में चार लोगों की मौत हो गयी तथा 21 अन्य लोग घायल हुए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव तथा श्री नाथ ने बाद में मीडिया के बातचीत करते हुए कहा कि आम लोगों की हत्या तथा राज्य में अशांति फैलाने में माकपा कार्यकर्ता शामिल हैं। इस तरह से दोनों नेताओं ने माकपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ लोगों को भड़काने का काम किया। श्री धर ने बताया कि भाजपा नेताओं के मीडिया में बयान देने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मोहनपुर में माकपा कार्यकर्ताओं को उनके घरों और रिसॉर्टों में कैद कर लिया और पार्टी के मुखपत्र में काम करने वाले पत्रकारों के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। उन्होंने बताया कि उपद्रवियों ने राज्य के पूर्व मंत्री एवं माकपा विधायक तपन चक्रवर्ती के वाहन के साथ ही पश्चिम तथा दक्षिण त्रिपुरा के जिलों में स्थिति पार्टी के कई कार्यालयों पर भी हमला किया। उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने 29 जून को कैलाशहर में एक टेलीविजन चैनल के पत्रकार पर हमला किया और राज्य की स्थिति खराब करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, हम पूर्ण विश्वास की हत्या के बाद राज्य के कानून मंत्री नाथ द्वारा त्रिपुरा में गुर्दा तस्कर गिरोह संचालित होने को लेकर दिये गये गैर जिम्मेदाराना बयान और मुख्यमंत्री द्वारा उसका समर्थन करने को लेकर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं। इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने तथा माफी मांगने की बजाय दोनों नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं को माकपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने के लिए उकसाया।