त्रिपुरा में मां काली की प्रतिमा को तोडऩे के आरोप में सोमवार को एक भाजपा कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया गया। घटना दक्षिण त्रिपुरा जिले के बोलोनिया की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार किए गए भाजपा कार्यकर्ता की पहचान अमुचई मोग के रूप में हुई है।

उसने रविवार रात गबुचोरा काली मंदिर में दैवी काली की प्रतिमा को तोड़ दिया था। खबरों के मुताबिक भाजपा नेताओं ने आरोपी को रिहा करवाने की कोशिश की। उनका कहना है कि अमुचई मोग मेंटली अनफिट है इसलिए मां काली की मूर्ति तोडऩे को उसके अपराध के रूप में नहीं लेना चाहिए।

त्रिपुरा पुलिस के मुताबिक सोनामोरा विधानसभा क्षेत्र के रंजीतनगर,राजनगर में भी पहले इस तरह की वारदातें सामने आई थी। उस वक्त लोकनाथ की प्रतिमा को तोडऩे के आरोप में धानपुर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। भाजपा सदस्यों का दावा था कि गिरफ्तार शख्स मानसिक रूप से विक्षिप्त है।

पुलिस ने यह सवाल उठाया है कि इन घटनाओं में शामिल हर शख्स कैसे मानसिक रूप से विक्षिप्त है या फिर मानसिक रूप से विक्षिप्त सभी लोग हिंदू देवी देवताओं की प्रतिमाओं को तोड़ रहे हैं। इन घटनाओं को लेकर भाजपा और माकपा एक दूसरे पर आरोप लगा रही है।

त्रिपुरा में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में कहा जा रहा है कि राजनीतिक दल इस तरह की घटनाओं का समर्थन कर राज्य की मौजूदा शांति को भंग कर राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य के विभिन्न भागों में हिंदू मूर्तियों व मंदिरों के अपवित्रीकरण पर बिजान धर ने कहा कि, हमने त्रिपुरा में इस तरह की घटनाएं नहीं देखी है। आरएसएस और भाजपा देश के दूसरे इलाकों में धार्मिक संस्थानों पर हमलों में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह राज्य में लेफ्ट फ्रंट की सरकार को हटाने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।