अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट नगर निगम (पीएमसी) की आठ में से छह सीटें जीत कर भाजपा ने स्थानीय निकाय का शासन कांग्रेस से छीन लिया है। वहीं ईटानगर में हुए नगर निगम चुनाव (आईएमसी) में पहली बार हिस्सा लेने वाले जद(यू) को काफी लाभ हुआ और उसके हिस्से में चार सीटें आई हैं। पीएमसी चुनाव 2013 में सात सीटें जीतने वाली कांग्रेस को इस बार सिर्फ दो वार्ड सीटें मिली हैं। आईएमसी की 20 सीटों में से भाजपा के पांच उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव न्याली ऐते ने कहा कि आईएमसी के बाकी 15 वार्ड में से चार के चुनाव परिणाम भी आ गए हैं और चारों सीटों पर बेहद कम अंतर से जद(यू) को जीत मिली है। स्थानीय निकाय की अन्य सीटों पर मतगणना जारी है। स्थानीय निकाय चुनाव 2013 में पीएमसी की 12 और आईएमसी की 30 सीटें थीं, लेकिन वार्डों के परिसीमन के बाद दोनों शहरी निकायों की सीटें घट गईं। पिछले चुनाव में पीएमसी में कांग्रेस को सात सीटें मिली थीं, भाजपा को दो और निर्दलीय उम्मीदवारों को तीन सीटें मिली थीं। आईएमसी चुनाव 2013 में कांग्रेस को 21 सीटें मिली थीं। वहीं राकांपा को चार, भाजपा को तीन, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल को एक और निर्दलीय को एक सीट मिली थी।

स्थानीय निकाय चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) का प्रदर्शन काफी मायने रखता है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश में उसके सात में से छह विधायक भाजपा का दामन थाम चुके हैं। अरुणाचल प्रदेश में 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में जदयू ने 15 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से सात सीटों पर उसे जीत मिली थी। राज्य में जदयू भाजपा के बाद दूसरा सबसे बड़ा दल बन कर उभरा था। भाजपा को 41 सीटें मिली थीं।