BJP इतनी शातिर पार्टी है कि कांग्रेस की ज्यादा सीटें होने के बावजूद खुद की सरकार बना लेती है। जी हां, यह कई बार देखने को मिला है। इसका सीधा सा उदाहरण है मणिपुर है जहां कांग्रेस की ज्यादा विधानसभा सीटें होने के बावजूद भाजपा ने अपनी सरकार बनाई। लेकिन इस राज्य में यह पार्टी कांग्रेस कोसों पीछे छोड़ते हुए खुद के दम पर सरकार बनाने जा रही हैं।

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यह पहला मौका है जब भाजपा अपने दम पर राज्य में सरकार बनाने जा रही है। चुनावों में पार्टी 60 विधानसभा सीटों में से 31 सीटों पर जीत हासिल कर इतिहास रचते हुए दिखाई दे रही है। भाजपा ने पूर्वोत्तर के इस अहम राज्य की चुनावी कमान वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और प्रवक्ता संबित पात्रा को सौंपी थी। वहीं प्रदेश के चुनावी प्रबंधन और रणनीति में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का भी अहम रोल रहा है।

मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में चुनाव संपन्न हुए। यहां 28 फरवरी को हुए पहले चरण के मतदान में 38 सीटों पर करीब 78.03 फीसद वोटिंग हुई। तो वहीं, पांच मार्च को हुए दूसरे चरण के मतदान में 22 सीटों के लिए 76.04 वोटर्स ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। 

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आपको बता दें कि मणिपुर में 2017 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 28 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि भाजपा को 21 सीटें मिली थीं। लेकिन बीजेपी ने निर्दलीयों और कांग्रेस के बागियों के दम पर सरकार बना ली थी। इस चुनाव में एनपीएफ ने 4, एनपीईपी ने 4, टीएमसी ने 1, निर्दलीय ने 1 सीट हासिल की थी। जबकि साल 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 42 सीटें मिली थी। भाजपा का यहां खाता तक नहीं खुला था।