भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव से एक साल पहले गुजरात में ना सिर्फ सरकार का कप्तान बदला बल्कि पूरी टीम नई कर दी है। गुरुवार को नए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के 24 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में मुख्यमंत्री परिवर्तन के बाद बनी पूरी सरकार में एक भी पुराने चेहरे को शामिल नहीं करने के क़दम (नो-रिपीट फॉमूर्ले) को बीजेपी ने एक नया लोकतांत्रिक प्रयोग करार दिया। बीजेपी पहले भी गुजरात में किए कई प्रयोगों को दूसरे राज्यों में लागू करके राजनीतिक लाभ उठा चुकी है। हालांकि, 'नो रिपीट' फॉर्मूले की सफलता की परख अगले साल चुनाव के बाद ही होगी।

पार्टी ने कहा कि नए नेतृत्व को उभारने वाले इस प्रयोग से देश भर में प्रेरणा ली जा सकती है। गुजरात भाजपा के प्रभारी और केंद्र सरकार में मंत्री भूपेंद्र यादव ने राज्य के नए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल के गठन के बाद पत्रकारों से बातचीत के बाद इसे नया प्रयोग बताया।

 उन्होंने इस कदम से राज्य के पुराने नेतृत्व और पूर्व मंत्रियों की नाराजगी की बात को ख़ारिज करते हुए दावा किया कि यह एक सर्वसम्मत निर्णय था और उन सबकी शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर और सामने मौजूदगी रही। जो दल स्थिरता और सातत्य यानी कन्सिस्टेन्सी और कांटीन्यूइटी के साथ काम करती है वह नए नेतृत्व को उभारता है। 

यादव ने कहा कि पुराने नेताओं के अनुभव के साथ नए नेतृत्व वाली सरकार और संगठन में सामंजस्य से काम होता रहेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा ऐसा प्रयोग पूरे देश में कर सकती है? यादव ने कहा कि इस लोकतांत्रिक प्रयोग से सभी प्रेरणा पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक परिवार में भी नए नेतृत्व को उभारा जाता है ताकि सातत्य बना रहे। वरिष्ठ लोगों का अनुभव संगठन के काम आएगा और वे पार्टी के काम को भी आगे बढ़ाएंगे।