गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया। रुपाणी ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नितिन पटेल भी थे।

पीएम मोदी द्वारा गुजरात के अहमदाबाद में सरदारधाम भवन और सरदारधाम फेज- II कन्या छात्रावास (गर्ल्स हॉस्टल) का 'भूमि पूजन' का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करने के कुछ ही देर बाद रुपाणी राजभवन पहुंचे।

जानकारों का कहना है कि गुजरात में अगले साल दिसंबर में चुनाव होने हैं, जिसको देखते हुए पार्टी ने यह फैसला लिया है। कहा जा रहा है कि पार्टी आने वाला चुनावों में किसी चेहरे के साथ लड़ना चाहती है।

विजय रुपाणी ने कहा कि समय-समय पर पार्टी में यह प्रक्रिया होती रहती है। हम दौड़ते हैं और फिर झंड़ा किसी दूसरे को देते हैं। उन्‍होंने कहा, "मैं पीएम मोदी और पार्टी का आभारी हूं, जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी दी थी। अब जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, मैं उसको निभाऊंगा।"

बता दें कि गुजरात में आम आदमी पार्टी भी अपनी पैठ बनाने में लगी हैं और वह पिछले कुछ दिनों से पार्टी के लोग कोरोना महामारी के दौरान जिन लोगों की मौत हुई थी, उनके परिजनों से भी मुलाकात कर रही है। वहीं दूसरी तरह कांग्रेस ने भी अगले साल होने वाले चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष भी इस समय राज्य में डेरा डाले हुए हैं। एजेंसियों ने बताया कि नवसारी के सांसद और गुजरात पार्टी इकाई के प्रमुख सी आर पाटिल ने भी संतोष के साथ कई बैठकें कीं।

रुपाणी हाल के महीनों में पद छोड़ने वाले भाजपा के चौथे मुख्यमंत्री हैं। जुलाई में बीएस येदियुरप्पा ने जुलाई में कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में इस्तीफा दे दिया और उत्तराखंड में दोहरी मार पड़ी, जहां तीरथ सिंह रावत ने त्रिवेंद्र रावत की जगह लेने के मुश्किल से चार महीने बाद इस्तीफा दे दिया।