त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने कहा कि भाजपा त्रिपुरा में पैसों के बलबूते चुनाव जितना चाहती है, भाजपा पानी की तरह पैसा बहा रही है जोकि त्रिपुरा की जनता के लिए ठीक नहीं है।  

त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव प्रचार के रफ्तार पकड़ने के साथ ही बीजेपी के केंद्रीय नेता यहां ताबड़तोड़ दौरे कर रहे हैं. वहीं 69 वर्षीय माणिक सरकार ने बीजेपी पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है. मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने बीजेपी पर वोट हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर धनबल के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है. माणिक सरकार के मुताबिक गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अगरतला में अपनी रैली में त्रिपुरा के बारे में गलत तथ्य पेश किए। 

मुख्यमंत्री ने ‘इंडीजिनियस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा’ (IPFT) के साथ हाथ मिलाने के लिए बीजेपी को आड़े हाथ लिया. माणिक सरकार ने कहा, ‘IPFT की मांग अलग राज्य की है और इस पर क्यों विचार किया जा रहा है केंद्रीय गृह मंत्री इसे सपोर्ट कर रहे हैं? क्या कारण है कि एक राजनीतिक दल ऐसे लोगों से मिल रहा है. किसी मुद्दे के तहत या राज्य में अव्यवस्था फैलाने के लिए. केद्र सरकार या राजनीतिक दल कैसे ऐसे संगठन से साठगांठ कर रहा है?’

माणिक सरकार ने पूरे विश्वास के साथ यही संकेत दिया कि बीजेपी की दाल त्रिपुरा में गलने वाली नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम एकजुट हैं और किसी भी ताकत को ध्रुवीकरण या हमारे राज्य को विभाजित करने की इजाजत नहीं देंगे. जब तक लेफ्ट फ्रंट का परचम त्रिपुरा में फहरा रहा है, कोई भी शक्ति राज्य को बांटने में कामयाब नहीं होगी. बीजेपी की कोशिश उस कांग्रेस की कीमत पर जगह बनाने की है जहां अवसरवादी भरे पड़े हैं और जो पाला बदल रहे हैं. इनमें से कई बीजेपी में शामिल हो गए हैं.’