त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने कहा है कि ‘नेताओं को झूठ नहीं बोलना चाहिए, चुनाव आते जाते रहते हैं. इन नेताओं की ओर से बोले गए शब्द कायम रहते हैं और लोग उन्हें याद रखते हैं.’ माणिक सरकार ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने अगरतला में अपने दौरे के दौरान गलत तथ्यों और शब्दों का इस्तेमाल किया। 

केंद्र से राज्य को मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल नहीं किए जाने संबंधी आरोप पर माणिक सरकार ने कहा, ‘हमें केंद्र से पैसा नहीं मिल रहा, हमारे खाते पारदर्शी हैं. केंद्र सरकार के अधिकारियों की छाप भी साफ है. पैसा आखिरी हफ्ते में रिलीज किया गया. चुनाव की प्रक्रिया मार्च तक पूरी होनी है, इसलिए पैसा इस्तेमाल नहीं किया जा सका....लेकिन तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। 

राजनीतिक हत्याओं और अपराध बढ़ने संबंधी आरोपों पर माणिक सरकार ने पलटवार में कहा कि उनकी छवि खराब करने का अभियान छेड़ा गया है. माणिक सरकार ने साथ ही क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो का हवाला दिया. उन्होंने कहा, ‘ये केंद्र और गृह मंत्रालय से जुड़ा है, इसलिए उन्हें इस ब्यूरो के आंकड़ों को फॉलो करना चाहिए. हमने अपराध रिकॉर्ड को घटाया है फिर ये कैसे नेगेटिव हो सकता है. ये पॉजिटिव डवलपमेंट है. राज्य में उग्रवाद की समस्या पर काबू पा लिया गया है.’

माणिक सरकार ने बीजेपी पर त्रिपुरा चुनाव में बेहतहाशा पैसा खर्च करने का आरोप लगाया. माणिक सरकार ने कहा, ‘कौन नहीं जानता कि बीजेपी चुनाव में किस तरह करोड़ों रुपए खर्च कर रही है. आम चुनाव में उन्होंने 15,000 करोड़ खर्च किया था. ये बात मीडिया में थी और इसका उन्होंने कभी खंडन भी नहीं किया. उन्होंने कभी गरीबों के लिए कोई कदम नहीं उठाया लेकिन कॉरपोरेट्स के ज़रूर अच्छे दिन आ गए. त्रिपुरा में भी वो ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन राज्य के लोग बहुत सजग हैं. यहां वो लोगों को खरीदने में समर्थ नहीं होंगे.’

माणिक सरकार ने चुनावी खर्च का पैसा सरकार की ओर से उठाने जाने के विचार की वकालत की. उन्होंने कहा, ‘चुनावी खर्च का पैसा सरकार से आना चाहिए ना कि कॉरपोरेट्स के यहां से. बीजेपी कॉरपोरेटर्स के फायदे के लिए काम कर रही है. अब वो एक छोटे से राज्य में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, इसीलिए वो हम पर हमला कर रहे हैं. असल में लोग महसूस करेंगे कि केंद्र में भी विपक्ष की हम सबसे बड़ी ताकत हैं. इन पार्टियों के नापाक गठजोड़ के खिलाफ त्रिपुरा मशाल उठाएगा. माणिक सरकार ने ये आरोप भी लगाया कि आरएसएस और वीएचपी के निर्देशों पर ही केंद्र सरकार चल रही है.