मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केंद्रीय समिति के सदस्य एवं सांसद जितेंद्र चौधरी ने रविवार को आरोप लगाया कि सत्तरूढ़ भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) पंचायत निकायों में प्रतिनिधित्व और अन्य लोकतांत्रिक गतिविधियों से दूर रखने के लिए आतंक बरपा रही है। चौधरी ने कहा कि भाजपा समर्थकों ने सबरूम अनुमंडल की सतचंद पंचायत समिति पर जबरन कब्जा किया, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।
उन्होंने बताया कि पंचायत समिति की 11 सीटों में से एक सीट पर उपचुनाव हुआ जिस पर भाजपा उम्मीदवार चुना गया। शेष सभी सीटों पर माकपा के उम्मीदवार विजयी हुए हैं। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के समर्थकों ने अपने इकलौते सदस्य को शनिवार को पंचायत समिति का अध्यक्ष भी चुन लिया जबकि 11 सदस्यों के साथ बहुमत माकपा के पास है।
भाजपा डरा-धमकाकर और प्रखंड विकास अधिकारी के निर्देश पर माकपा के छह निर्वाचित सदस्यों को अपने पक्ष में करने में सफल हो गई है। चौधरी ने कहा कि देश में एेसा पहली बार हुआ है कि किसी पार्टी का इकलौता सदस्य पंचायत समिति का अध्यक्ष बन गया और बहुमत किसी अन्य पार्टी के पास है। इससे विश्व के सामने भारत की सबसे बड़े लोकतंत्र की छवि को नुकसान पहुंचा है।
 उन्होंने कहा कि राज्य में इसी वर्ष मार्च में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद बड़ी संख्य में चुने गए लोगों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। उपचुनाव में भाजपा ने विपक्ष को अपना उम्मीदवार नहीं उतारने दिया और उसके सहयोगी आईपीएफटी को भी चुनाव मौदान में उतरने की इजाजत नहीं दी गई।