राजीव भवन में प्रदेस कांग्रेस अध्यक्ष व ऱाज्य सभा सांसद रिपुन बोरा ने  संवादाताओं   से बातचीत के दौरान भाजपा पर आरोप लगाया की भाजपा एनआरसी  को सांम्प्रदायिक रंग  देने की  कोशिश  कर रही है।

उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक युं तो पुरे देश पर असर करेगा लेकिन असम में इसका व्यापक एंव विपरीत प्रभाव पड़ेगा और यहां के मुल निवासी अल्पसंख्यक हो जाएगी। बोरा के मुताबिक एनआरसी अध्तन में भी भाजपा और राज्य सरकार की इसी सोच का प्रतीफलन होता दिख ऱहा है।

अंतिम ड्राफ्ट एनआरसी में छुटे अधिकांश लोग वास्तविक भारतीय नागरिक हैं। लोगों के ऩाम कटने का काऱण जानने  के लिए  नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस  अध्यक्ष ने कहा कि एनआरसी और नागरिकता बिल दोनों ने ही राज्य के लोगों को उदव्ेलित कर रखा है ।

भाजपा सरकार के तरफ से झूठ पर झूठ बोला जा रहा है। भजपा तो जन्मलगन्  से ही झुठ बोलती आ रही है। बकौल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भाजपा नेतृत्व ने एनआरसी पर 30 जुलाई के बाद अपनी राय जाहिर करने को कहा था। जिसे गुजरे हुए 11 दिन हो गए है,भाजपा नेता अभी भी चुप क्यों है। लाखों भारतीयों व स्थानीय मुल के लोगों को बाहर किए जाने पर अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ रहे।