त्रिपुरा में भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन की प्रचंड जीत के बाद बीजेपी आदिवासी मतदाताओं को शुक्रिया कहने की तैयारी कर रही है। बीजेपी सरकार बनने के बाद पहले विधानसभा सत्र में ही त्रिपुरा एयरपोर्ट का नाम महाराजा वीर विक्रम सिंह के नाम पर रखे जाने का प्रस्ताव पारित कराने की तैयारी में है।


महाराजा वीर विक्रम सिंह ट्राइबल राजा थे। बीजेपी ने त्रिपुरा में अपनी जड़े जमाने के लिए महाराज के नाम के साथ अपना कैंपेन शुरू किया था। त्रिपुरा की मूल आबादी ट्राइबल ही है। बीजेपी के रणनीतिकारों को लगा कि महाराजा के नाम पर ट्राइबल के करीब जा सकते हैं। बीजेपी ने महाराजा वीर विक्रम सिंह को विकास पुरुष की संज्ञा दी साथ ही केंद्र सरकार से यह मांग भी की कि उन्हें भारत रत्न दिया जाए।

बीजेपी ने अपने चुनावी कैंपेन में इस बात का जमकर जिक्र किया कि लेफ्ट ने कभी महाराजा को सम्मान नहीं दिया और न ही उनकी धरोहरों को संजोने की कोशिश की। बीजेपी ने अपने कार्यक्रमों और रैलियों में दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीरों के साथ महाराजा की तस्वीर को भी जगह दी। ट्राइबल महाराजा को लेकर काफी इमोशनल हैं और इसका असर भी दिखा। बीजेपी-आईपीएफटी गठबंधन ने 20 ट्राइबल सीटों में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की है।

बीजेपी के त्रिपुरा प्रभारी सुनील देवधर ने कहा कि हमने महाराजा की तस्वीर को महज चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया था। हम उन्हें वाकई में विकास पुरुष मानते हैं और इसलिए हमने उनकी जयंती मनानी भी शुरू की है। उन्होंने बताया कि हमारी योजना है कि सरकार गठन के बाद विधानसभा के पहले सत्र में ही त्रिपुरा एयरपोर्ट का नाम महाराजा के नाम पर रखने का प्रस्ताव पास करें और इसे केंद्र को भेजें। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश होगी महाराजा के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखने से जुड़े कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी भी आएं।