असम की करीमगंज सीट पर बीजेपी की जीत हुई है। बीजेपी प्रत्याशी कृपानाथ मल्लाह ने ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के उम्मीदवार राधेश्याम बिस्वास को हराया। बिस्वास 38389 वोटों से हारे हैं। राधेश्याम बिस्वास ही यहां से सांसद थे। पिछले चुनाव में उन्होंने 102094 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। कृपानाथ मल्लाह 17वीं लोकसभा के लिए चुने गए हैं। 
इस सीट पर वोटिंग तीसरे चरण में अप्रैल को हुई थी जिसमें क्षेत्र के कुल 13,38,005 वोटरों में से 10,58,088 यानी 79.08 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।


कौन-कौन प्रमुख उम्मीदवार
अनुसूचित जाति वर्ग वाली इस सीट से ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) से मौजूदा सांसद राधेश्याम बिस्वास उम्मीदवार थे। वहीं, बीजेपी से कृपानाथ मल्लाह, कांग्रेस से स्वरूप दास, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से चंदन दास चुनाव मैदान में थे। करीमगंज लोकसभा सीट से 14 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे।


करीमगंज सीट पर सबसे पहले 1962 में लोकसभा चुनाव हुए। करीमगंज सीट पर 1962 में हुए पहले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी निहार रंजन लस्कर ने रिकॉर्ड 50,525 मतों से जीत दर्ज की। उनकी जीत का सिलसिला अगले पांच चुनावों तक कायम रहा। 1984 में हुए आठवें लोकसभा चुनाव में इंडियन कांग्रेस (सोशलिस्ट) के प्रत्याशी सुदर्शन दास ने जीत दर्ज की। इसके बाद 1991 और 1996 में हुए चुनावों में बीजेपी ने यहां जीत दर्ज की।


2004 में हुए चौदहवें लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ललित मोहन ने बीजेपी प्रत्याशी को रिकॉर्ड 91,948 मतों से हराया। 2009 के चुनाव में ललित मोहन ने फिर से जीत दर्ज की।