नागालैंड विधानसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग के बाद सामने आए एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और नेशलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोगे्रसिव पार्टी (एनडीपीपी) बड़े दल के रूप में उभर रही है।  जन की बात-न्यूज एक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को सहयोगी के साथ 27 से 32 तो वहीं सीवोटर के एग्जिट पोल में 25 से 31 मिलती दिख रही हैं।  वहीं पिछले 31 साल के दौरान हुए सात विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो बीजेपी ने सर्वाधिक सात जीते 2003 के विधानसभा चुनाव में जीती थी। हालांकि 1989 और 1998 में हुए विधासभा चुनाव में बीजेपी ने किसी भी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा था।


नागालैंड में 1964 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए थे। इस दौरान यहां किसी भी बड़ी पार्टी ने अपने उम्मीदवार खड़े नहीं किए थे। इस चुनाव में सभी 40 निर्दलीय उम्मीदवार खड़े हुए थे। हालांकि बीजेपी ने नागालैंड में पहली बार 1987 में दो उम्मीदवारों को खड़ा किया, लेकिन इन दोनों ही उम्मीदवारों की जमानत तक जप्त हो गई। इसके बाद बीजेपी ने 1989 के चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को खड़ा नहीं करने का फैसला किया। 1993 के चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर नागालैंड विधानसभा चुनाव में अपनी दस्तक दी और 6 उम्मीदवार खड़े किए, लेकिन इन सभी उम्मीदवारों की जमानत तक जप्त हो गई।

लगातार मिली हार के बाद बीजेपी ने 1998 के विधानसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को खड़ा नहीं किया। 2003 के चुनाव में बीजेपी ने 38 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ा और नागालैंड विधानसभा में पहली बार बीजेपी का खाता खुला। उसके सात उम्मीदवारों ने चुनाव जीत कर रिकॉर्ड कायम किया। वहीं तीन उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा, जबकि 28 उम्मीदवारों की जमानत तक जप्त हो गई। 2008 के चुनाव में भी बीजेपी ने 23 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतरा, इसमें 2 को जीत नसीब हुई, वहीं 6 को हार मिली, जबकि 15 उम्मीदवारों की जमानत तक जप्त हो गई। पिछले चुनाव (2013) में बीजेपी ने 11 उम्मीदवारों को खड़ा किया, जिसमें महज एक उम्मीदवार जीता। 8 की जमानत जप्त हुई, वहीं दो को हार का सामना करना पड़ा।


क्या कहता है एग्जिट पोल
नागालैंड के एग्जिट पोल में बीजेपी को आगे बताया जा रहा है। नेफ्यू रियो की अगुवाई वाले एनडीपीपी के साथ बीजेपी ने गठबंधन किया है। जन की बात-न्यूज एक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को सहयोगियों के साथ 27 से 32 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा 60 सदस्यों वाली विधानसभा में एनपीएफ को 20 से 25 सीटें, जबकि कांग्रेस को 0 से 2 सीटें मिलने का अनुमान है। सीवोटर के एग्जिट पोल की बात करें तो बीजेपी गठबंधन को 25 से 31 मिलती दिख रही हैं। वहीं कांग्रेस शून्य से चार सीटों के बीच ही सिमट जाएगी। एनपीएफ  19 से 25 सीटों के बीच सीटें जीत सकती है।

बीजेपी ने एनपीएफ का साथ छोड़, एनडीपीपी से किया गठबंधन
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने नागालैंड में पिछले 15 वर्षों से सहयोगी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के साथ गठबंधन तोड़ लिया था। भाजपा और एनपीएफ 1998 से एक साथ चलते आ रहे थे और 18 जुलाई को 15 सालों से चला आ रहा ये साथ छूट गया था। एनपीएफ  से गठबंधन तोडऩे के बाद भाजपा ने नवगठित पार्टी एनडीपीपी से गठजोड़ कर लिया है। बता दें कि बीजेपी के साथ ही डीएएन में तीसरी सहयोगी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने भी गठबंधन से हाथ खींच लिया है। इससे 2003 में हुआ गठबंधन पूरी तरह से समाप्त हो गया है। यह गठबंधन एनडीए के तत्कालीन चेयरमैन जॉर्ज फर्नांडिस और पूर्व मुख्यमंत्री नेफियू रियो के नेतृत्व में स्थापित हुआ था। रियो अब बीजेपी की नई सहयोगी पार्टी एनडीपीपी के नेता हैं।