उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश (CJI) S. A. बोबडे और न्यायमूर्ति A. C. बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन की पीठ ने आधार कार्ड से जुड़े नहीं होने के कारण करीब 3 करोड़ राशन कार्ड रद्द किए जाने के मामले को ‘‘गंभीर’’ बताया है। देश में नागरिकों के हक राशन कार्ड में केंद्र इस तरह की लापरवाही कैसे कर रही इस बारे में उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार और सभी राज्यों से जवाब मांगा हैं।

बता दें कि ‘‘अत्यंत गंभीर’’ मामले पर याचिकाकर्ता कोयली देवी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्विस ने कहा कि याचिका एक बड़े मामले को उठाती है जो कि देश के नागरिकों के लिए ठीक नहीं हैं। CJI ने कहा कि ‘‘बंबई उच्च न्यायालय में भी मेरे सामने इसी प्रकार का मामला आया था। मुझे लगता है कि यह मामला संबंधित उच्च न्यायालय में दायर किया जाना चाहिए था।’’


याचिकाकर्ता कोयली देवी की ओर से पेश हुए वकिल गोंजाल्विस ने दलील दी कि यह एक बहुत ही बड़ा मामला है क्योंकि ‘‘केंद्र ने करीब 3 करोड़ राशन कार्ड रद्द किए हैं’’। इसी सवाल पर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने कहा कि वकिल गोंसाल्वेस ने यह गलत बयान दिया कि केंद्र ने राशन कार्ड रद्द किए हैं। उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा कि ‘‘हम केंद्र से इस बारे जवाब मांग रहे हैं लेकिन यह कोई विरोधात्मक मुकदमा नहीं है। हम सुनवाई करेंगे ’’।