त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता माणिक सरकार ने मॉब लिंचिंग को लेकर भाजपा को आड़े हाथों लिया है। माणिक सरकार ने कहा कि एक नाबालिग लड़के की हत्या के बाद गैरजिम्मेदाराना और आधारहीन टिप्पणियों के कारण राज्य में कुछ लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई।

भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिमी त्रिपुरा के मोहनपुर में एक नाबालिग लड़के की हत्या के बाद गैरजिम्मेदाराना, आधारहीन और मूर्खतापूर्ण टिप्पणियों ने हालात को गंभीर बना दिया जिसके बाद त्रिपुरा में कई लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई और कई घायल हुए।

माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सरकार ने राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं और मंत्रियों का नाम लिए बिना कहा कि पुलिस और नागरिक प्रशासन को अधिक सतर्क, सक्रिय और स्थिति से निपटने के लिए सावधान रहना चाहिए। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहिए।

मणिक को भाजपा नेता ने दिया करारा जवाब

ताे वहीं माणिक सरकार के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। उलट राज्य के कानून एवं शिक्षा मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि राज्य में सत्ता गंवाने के बाद माकपा राजनीतिक फायदा पाने और भाजपा सरकार को असहज स्थिति में लाने के लिए हिंसा भड़काने का प्रयास कर रही है।

पिछलें दिनों हुर्इ कर्इ घटनाएं

गौरतलब है कि त्रिपुरा में पिछले दिनों विभिन्न घटनाओं में भीड़ द्वारा बच्चा चोरी के शक में एक शख्स की हत्या कर दी गई। उत्तर प्रदेश के मूल निवासी यहां रेहड़ी का काम करता था। बच्चा चोरी के शक में लोगों ने उसे पीट पीटकर हत्या कर दी।

मॉब लिंचिंग की इस घटना में 20 लोगों को बेरहमी से पीटा गया था। गंभीर हालतों में सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पश्चिमी और दक्षिणी त्रिपुरा में पुलिस ने इन घटनाओं के संबंध में 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। इस बीच माकपा और कांग्रेस ने पिछले दिनों हुई हिंसक घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।


अफवाहों के खिलाफ मुहिम चला रहा शख्स बना भीड़ का शिकार

राज्य में गुरुवार रात दक्षिण त्रिपुरा जिले के कलाछारा में बच्चा-चोर होने के शक में भीड़ ने त्रिपुरा सूचना एवं संस्कृति विभाग के एक सदस्य सहित दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। सुकांत चक्रवर्ती राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग की एक टीम के सदस्य थी, जो अफवाहों के खिलाफ अभियान चला रही थी। दास ने बताया कि चक्रवर्ती पर उस समय हमला किया गया जब उनकी टीम सबरूम से लौट रही थी।


इंटरनेट सेवा पर लगी रोक
राज्य में एेसी अफवाहों को रोकने के लिए त्रिपुरा पुलिस महानिदेशक ए के शुक्ला ने पूरे राज्य में अगले 24 घंटे के लिए एसएमएस और इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी।