मेघालय में विधानसभा चुनाव में 20 दिन बचे हैं लेकिन भाजपा अभी तक सिर्फ 47 उम्मीदवारों की ही सूची जारी कर पाई है। भाजपा राज्य में अकेले दम पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उसने किसी भी क्षेत्रीय दल से गठबंधन नहीं किया है। भाजपा ने सोमवार को उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी है। इसमें दो उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।

आपको बता दें कि मेघालय में इसी माह विधानसभा चुनाव है। राज्य की 60 विधानसभा सीटों के लिए 27 फरवरी को मतदान होगा। 3 मार्च को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होंगे। 5 मार्च तक चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 6 मार्च को समाप्त हो रहा है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता वाली केन्द्रीय चुनाव समिति ने दो नामों को मंजूरी दी है। पार्टी ने खासी हिल्स ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के पूर्व कांग्रेस सदस्य मार्शल मावफनियांग को उमरोई विधानसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनाया है जबकि बान बुहई मकदोह को मावहाति विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली ने यह जानकारी दी।


शुक्रवार को भाजपा ने 45 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। इस सूची में चार पूर्व विधायकों के नाम शामिल थे, जिन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड अलायंस सरकार को समर्थन दे रखा था। जिन चार पूर्व विधायकों को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया उनमें पूर्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अलेक्जेंडर लालू हेक,जिन्हें मुकुल संगमा ने कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया था, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और एनसीपी नेता सनबोर शुल्लई और दो निर्दलीय विधायक जस्टिन डी. और रॉबिनस साइंग्कोन शामिल थे।

हालांकि भाजपा ने स्टेट यूनिट के चीफ शिबुन लिंगदोह की बहन वियोलेट लिंगदोह को टिकट नहीं दिया। इससे नाराज वियोलेट लिंगदोह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) में शामिल हो गई। एनपीपी ने उन्हें तुरंत टिकट भी दे दिया। भाजपा ने लिंगदोह की बजाय जस्टिन डी पर भरोसा जताया और उन्हें टिकट दी। जस्टिस डी मुकुल संगमा के नेतृत्व वाली सरकार में संसदीय सचिव रह चुके हैं। वह विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे।

वियोलेट लिंगदोह जैंतिया हिल्स ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल से मौजूदा सदस्य है। वह ख्लियेहरियात विधानसभा सीट से भाजपा के जस्टिन डी.के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। आपको बता दें कि मेघालय में फिलहाल भाजपा का एक भी विधायक नहीं है। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 29 सीटें मिली थी। कांग्रेस ने 13 निर्दलीय विधायकों व एनसीपी के दो विधायकों के समर्थन से गठबंधन सरकार बनाई थी। हालांकि विधानसभा चुनाव करीब आते आते 23 विधायक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। कई भाजपा में शामिल हो गए तो कई एनपीपी में और कई कांग्रेस में।